न्यूज
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार नहीं बल्कि भीड़तंत्र चला रहे: सामना में शिवसेना (यूबीटी)
jantaserishta.com
10 July 2026 12:24 PM IST

x
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना में "भीड़तंत्र" चलाने और "वैश्विक स्तर का भ्रष्टाचार घोटाला" करने का आरोप लगाया है।
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय में मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा विपक्ष के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आक्रामक भाषा की आलोचना की गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के घाट खंड को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही 'मिसिंग लिंक' परियोजना की लागत में करीब 2,500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
संपादकीय के अनुसार, दो सुरंगों, आठ लेन की सड़क और दो पुलों वाली 13 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की प्रारंभिक अनुमानित लागत 4,797.55 करोड़ रुपये थी। इसमें दावा किया गया कि सामान्य लागत वृद्धि को ध्यान में रखने पर भी परियोजना की लागत 5,500 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन अंतिम व्यय बढ़कर 7,180 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
संपादकीय में दावा किया गया कि परियोजना की लागत करीब 540 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर बैठती है और इसे "भ्रष्टाचार का विश्व रिकॉर्ड" बताया गया। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पहली ही बारिश में परियोजना में भारी रिसाव शुरू हो गया। संपादकीय में टिप्पणी की गई कि यदि कोई इस परियोजना में कथित भ्रष्टाचार पर शोध करे तो वह "कैम्ब्रिज या ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट हासिल कर सकता है।"
संपादकीय में मुख्यमंत्री फडणवीस की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की गई कि उन्होंने कथित तौर पर जनता और विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा था, "हमारे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना महाराष्ट्र की बदनामी है। राज्य की बदनामी करने वालों से मैं सख्ती से निपटूंगा।" इसमें मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में राज्य के खर्च पर सवाल उठाने वाले नागरिकों और विपक्षी नेताओं को "किराए के लोग" और अन्य अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने की भी निंदा की गई।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने संपादकीय में कहा कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस प्रकार की भाषा किसी जनप्रतिनिधि की नहीं बल्कि "गुंडों" की भाषा है। पार्टी ने सवाल किया कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
संपादकीय में आरोप लगाया गया कि इस तरह के भ्रष्टाचार से कमाए गए धन का इस्तेमाल विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त में किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री फडणवीस का राज्य से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं है, बल्कि वे "मुगलों और अंग्रेजों" की तरह व्यवहार कर रहे हैं जिनकी एकमात्र नीति "लूट कर भाग जाना" थी।
संपादकीय में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राज्य में सुसंस्कृत नेतृत्व की परंपरा रही है। इसमें राज्य के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की बुद्धिमत्ता, संयम और राजनीतिक परिपक्वता की सराहना की गई।
संपादकीय में आगे कहा गया कि वसंतराव नाईक, वसंतदादा पाटिल, शरद पवार, विलासराव देशमुख, मनोहर जोशी और उद्धव ठाकरे सहित विभिन्न दलों के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखी और विधानसभा के मंच का इस्तेमाल विपक्ष को धमकाने या कथित रूप से भ्रष्ट लोगों का बचाव करने के लिए नहीं किया।
Tagsशिवसेना (यूबीटी)
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





