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सीईसी ज्ञानेश कुमार दें खुद इस्तीफा, उसी में उनकी सुरक्षा और भविष्य: कांग्रेस
jantaserishta.com
26 Sept 2026 1:03 PM IST

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नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार खुद इस्तीफा देते हैं तो उनकी सुरक्षा, उनके हित और उनके भविष्य की सुरक्षा उसी में है।
कांग्रेस सांसद और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, "वह (ज्ञानेश कुमार) खुद इस्तीफा दे दें। उनकी सुरक्षा, उनके हित और उनके भविष्य की सुरक्षा उसी में है। अगर वह अप्रूवर बन गए, तो सुरक्षित रहेंगे, नहीं तो उनका आने वाला वक्त जेल में ही गुजरेगा।"
पवन खेड़ा ने ज्ञानेश कुमार को लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर कहा, "पद्म भूषण बहुत छोटी चीज है। प्रधानमंत्री बना दो। जो आदमी दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है, उसी को बना दो। ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए।"
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर 'इंडिया ब्लॉक' की बैठक की अटकलों पर कहा, "सवाल किसी राजनीतिक दल का नहीं है, सवाल देश के प्रजातांत्रिक पद्धति का है और सवाल चुनाव आयोग की निष्पक्षता से है, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से है। मैं समझता हूं कि इसलिए अगर जो लोग देश को बचाना चाहते हैं, लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, वो निश्चित रूप से एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे।"
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से पूरे देश में जो लोकतांत्रिक पद्धति से चुनाव होना और पूरी शासन व्यवस्था को कटघरे में अगर किसी ने रखा है, तो ज्ञानेश कुमार ने रखा है। न यह निष्पक्ष हो पाए, यह भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में कार्य किए और न तो स्वतंत्र हो पाए। जो भाजपा सरकार ने कहा, वह इन्होंने काम किया।"
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सबसे दुखद स्थिति यह है कि 'चोर-चोर मौसेरे भाई' वाली कहावत यहां पर लगती है। यहां खुद चुनाव आयोग की कार्यशैली संदिग्ध है और लगातार राहुल गांधी जिन बातों को उठा रहे हैं, जिसकी सफाई भारतीय जनता पार्टी दे रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने कहा, "मुझे लगता है कि ज्ञानेश कुमार मुश्किल में फंस गए हैं। 2023 में उन्हें कानून से एक बहुत बड़ी सुरक्षा मिली थी कि पद पर रहते हुए सीईसी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। अब, अगर वह इस्तीफा देते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और उनसे जुड़े लोगों की भी जांच होगी। लेकिन अगर वह पद पर बने रहते हैं, तो हर दिन उनकी आलोचना होती रहेगी। वह भारतीय लोकतंत्र के हत्यारे हैं।"
महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने भी सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "किस मुंह से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आपके सामने आएंगे? भाजपा आरोप लगाती रही कि राहुल गांधी एसआईआर का विरोध करके राजनीति कर रहे हैं। 14 दिसंबर 2025 को हम लोगों ने रामलीला मैदान में वोट चोर अधिकार रैली की, पूरी दिल्ली गूंज रही थी। दूसरी तरफ चुनाव आयोग के दो सदस्य संधू और जोशी 10 महीने में 14 पत्र लिखकर इसी बात को रखते हैं, जो राहुल गांधी कर रहे थे।"
उन्होंने कहा कि अब हाहाकार है और देश सड़कों पर आया है। राहुल गांधी ने बोला था, अब उसका असर यह होता है कि ज्ञानेश कुमार को अपना यह फैसला रात को लेना पड़ता है कि अब कैंपस और विश्वविद्यालयों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। जेन-जी को मतदाता बनाया जाएगा। सीईसी ने फॉर्म-6 के साथ अब तक छेड़छाड़ की थी। यह अधिकार ज्ञानेश कुमार को नहीं था। नियमों का फेरबदल का फैसला सरकार के पास है। अब ज्ञानेश कुमार को आगे नहीं आना है, बल्कि जेल जाना है।
कांग्रेस सचिव (संगठन) नेट्टा डिसूजा ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर कहा, "ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार को देश को जवाब देना होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा करप्शन है। इसने लोकतंत्र को खत्म किया है। आने वाले दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
वहीं, सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर कहा, "लोकतंत्र के हत्यारे और लोकतंत्र को लूटने वाले ज्ञानेश कुमार का इतिहास चुनाव की राजनीति में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। जो किरकिरी निर्वाचन आयोग की कराई गई है, वह केवल विपक्ष नहीं कह रहा है, देश की जनता नहीं कह रही है, बल्कि निर्वाचन आयोग के 2 अन्य सदस्यों ने भी सवाल उठाया है। निर्वाचन आयोग के सीईसी के अब बुरे दिन आने वाले हैं। जनता सड़क पर आ रही है। लोकतंत्र को लूटने वाले निर्वाचन आयोग को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।"
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