न्यूज

भांग, चंदन और सिंदूर अर्पित कर बाबा महाकाल का भव्य शृंगार, भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

jantaserishta.com
19 July 2026 8:20 AM IST
भांग, चंदन और सिंदूर अर्पित कर बाबा महाकाल का भव्य शृंगार, भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
x
उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। रविवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।
महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर अर्पित किया गया। इसके बाद बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की गई।
महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही बाबा के दर्शन करने के लिए लाइन में खड़े रहे।
पहले महाकाल को शमशान की राख अर्पित की जाती थी, लेकिन अब विशेष रूप से कपिला गाय के गोबर और औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार भस्म का उपयोग होता है। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है।
बाबा महाकाल की आरती देश-विदेश में मशहूर है, जिसे देखने के लिए जनसामान्य से लेकर बड़ी हस्तियां भी आती हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है।
श्री महाकालेश्वर के दरबार में रविवार को राज्य सूचना आयुक्त भीमाशंकर पचौरी अपने पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां की व्यवस्थाओं को देखकर लग रहा है कि सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां अभी से ही बहुत प्रभावी ढंग से चल रही हैं, जब 2028 में दुनिया भर से लोग यहां आएंगे, तो वे निश्चित रूप से बाबा महाकाल की कृपा से धन्य महसूस करेंगे।
उन्होंने कहा कि दूसरी उपलब्धि 'विक्रम' नाम के रॉकेट को अंतरिक्ष में स्थापित करना संभव हो पाया है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपने समय में जो वैभव दिखाया था, पूरी दुनिया आज भी उसी रूप को देखेगी। यह हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story