न्यूज

एआई बदल रहा है विज्ञापन उद्योग की तस्वीर, भारत बन सकता है वैश्विक एडटेक हब: रिपोर्ट

jantaserishta.com
2 Jun 2026 1:28 PM IST
एआई बदल रहा है विज्ञापन उद्योग की तस्वीर, भारत बन सकता है वैश्विक एडटेक हब: रिपोर्ट
x
नई दिल्ली: मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वैश्विक विज्ञापन उद्योग के हर स्तर को तेजी से बदल रहा है और भारत को दुनिया की अग्रणी एडटेक (विज्ञापन प्रौद्योगिकी) कंपनियों का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
कंसल्टिंग फर्म रेडसीर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 27 लाख इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी छात्रों का नामांकन होता है। इसके अलावा देश में 2 करोड़ से 2.4 करोड़ गिटहब डेवलपर्स और लगभग 1,900 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) मौजूद हैं, जो 65 से 75 अरब डॉलर का निर्यात राजस्व पैदा कर रहे हैं। यह मजबूत आधार एआई-आधारित उत्पाद विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन बाजार 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर चुका है। ऐसे में एआई विज्ञापन क्षेत्र को अधिक स्वचालित, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित मॉडल की ओर तेजी से ले जा रहा है, जिसमें भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई मीडिया खरीद, क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, प्रदर्शन मापन, ई-कॉमर्स और ग्राहकों को लक्षित करने जैसी विज्ञापन उद्योग की लगभग हर प्रमुख प्रक्रिया को बदलना शुरू कर चुका है।
फर्म का अनुमान है कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार वर्ष 2025 में लगभग 21 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 33 अरब डॉलर से 42 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है। इससे एआई आधारित विज्ञापन नवाचार को देश में और अधिक गति मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन खर्च में डिजिटल माध्यमों की हिस्सेदारी अब लगभग 75 से 80 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं, डिजिटल विज्ञापनों का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा पहले से ही प्रोग्रामेटिक तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है।
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर मुकेश कुमार ने कहा, "इस बदलाव को जो बात अलग बनाती है, वह यह है कि एआई विज्ञापन उद्योग में केवल एक नई परत नहीं जोड़ रहा, बल्कि पूरे सिस्टम को एक साथ नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग-आधारित बोली प्रणाली, आइडेंटिटी ग्राफ, ट्रांसफॉर्मर-आधारित रिकमेंडेशन इंजन और एजेंटिक विज्ञापन ढांचे जैसी तकनीकों के विकास के लिए जिस इंजीनियरिंग क्षमता की जरूरत है, वह भारत ने पिछले तीन दशकों में तैयार की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मूल की एडटेक कंपनियां अब केवल तकनीकी सेवाएं देने वाली कंपनियां नहीं रह गई हैं, बल्कि वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं। साथ ही वे पारंपरिक सेवा कारोबार के बजाय सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म-आधारित अधिक लाभकारी मॉडल से कमाई कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ेगा, मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञापनदाताओं और प्रकाशकों के साथ बेहतर नेटवर्क तथा उन्नत एआई क्षमताओं वाले खुले इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत करेंगे।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story