न्यूज
अफगानिस्तान : महिला ड्रेस कोड को लेकर विरोध-प्रदर्शन में बल प्रयोग, दो लोगों की मौत पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
jantaserishta.com
12 Jun 2026 12:15 PM IST

x
जिनेवा: अफगानिस्तान में महिलाओं पर लगाए गए सख्त ड्रेस कोड को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर बल प्रयोग को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने चिंता जताई। इन प्रदर्शनों में एक लड़के समेत दो लोगों की मौत हो गई और बीस से ज़्यादा लोग घायल हो गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रदर्शन इसलिए शुरू हुए क्योंकि 6 और 7 जून को अफगानिस्तान के हेरात शहर में कई महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था। विशेषज्ञों ने कहा, “कानून लागू कराने के दौरान बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बहुत सीमित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। यह तभी जायज है जब यह कानूनी हो, जरूरी हो और जितना जरूरी हो उतना ही हो, और इसमें अधिकारियों या दूसरों के लिए खतरे के अनुपात में हो। साथ ही इसमें सावधानी, भेदभाव न होना और जवाबदेही जैसे सिद्धांतों का पालन होना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान में मौजूदा सत्ता के तौर पर तालिबान को उन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का पालन करना चाहिए जिनका अफगानिस्तान हिस्सा है, जैसे कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुबंध, यातना के खिलाफ संधि और महिलाओं के खिलाफ सभी तरह के भेदभाव को खत्म करने वाली संधि।”
विशेषज्ञों ने बताया कि 9 जून को हेरात में लोग सड़कों पर उतरे और लगातार बढ़ते 'कठोर प्रतिबंधों' तथा महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। आरोप है कि तालिबान के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और उनकी पिटाई भी की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के कारण हिरासत में लेना बेहद चिंताजनक है और यह गैरकानूनी हिरासत हो सकती है, क्योंकि इससे उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लैंगिक भेदभाव से मुक्त रहने के अधिकार का उल्लंघन होता है।
विशेषज्ञों ने तालिबान से मांग की कि वे इस पूरे मामले की तुरंत, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराएं, खासकर बल प्रयोग के मामलों की। उन्होंने कहा, “समानता, शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति और आवाजाही की स्वतंत्रता, और गैरकानूनी हिरासत से सुरक्षा जैसे अधिकार बहुत जरूरी हैं। ये अधिकार जनता का भरोसा बहाल करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने में मदद करते हैं।”
उधर, यूरोपीय संघ ने भी हेरात में हुए अत्यधिक बल प्रयोग और ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के कारण महिलाओं की मनमानी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने तालिबान से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन करने की अपील की है, जिसमें शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भी शामिल है।
यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनौअर अल अनौनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, “हम हेरात में अत्यधिक बल प्रयोग और ड्रेस कोड निर्देशों के उल्लंघन के कारण महिलाओं की मनमानी गिरफ्तारी की निंदा करते हैं। मौजूदा प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करना चाहिए, जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार भी शामिल है। यूरोपीय संघ अफगान महिलाओं के साथ खड़ा है।”
Tagsअफगानिस्तान
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





