
देवघर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान झारखंड के देवघर आने वाले शिव भक्तों के लिए एक राहत भरी और सुखद खबर सामने आई है। सुल्तानगंज से लंबी और कठिन कांवड़ यात्रा तय करके बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक करने पहुंचने वाले कांवड़ियों की थकान और उमसभरी गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने इस साल विशेष इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में प्रवेश करते ही शिवभक्तों को अब 'इंद्र वर्षा', 'वरुण वर्षा' और 'कोल्ड वाटर फॉगिंग' जैसी आधुनिक और अनोखी सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी शारीरिक थकान काफी हद तक कम हो सकेगी।
कठिन सफर और चेहरों पर दिखती थकावट का अहसास
सुल्तानगंज से देवघर तक की करीब 105 किलोमीटर की यह पैदल कांवड़ यात्रा बेहद कठिन और तपस्या जैसी होती है। नंगे पांव, कंधे पर कांवड़ संभाले और मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच सफर तय करने वाले शिव भक्तों के पैरों के छाले और चेहरे पर झलकती थकान इस पूरी यात्रा की कठिनाइयों को साफ बयां करती है। भक्तों के इस संघर्ष को ध्यान में रखते हुए ही नगर निगम प्रशासन ने इस बार उनके स्वागत और सुविधा के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
क्या है 'इंद्र वर्षा' और 'वरुण वर्षा' की व्यवस्था?
निगम प्रशासन की ओर से की गई इस खास व्यवस्था के तहत खिजुरिया गेट, शिवराम झा चौक और पंडित बीएन झा पथ पर विशेष तकनीकी इंतजाम किए गए हैं।
इंद्र वर्षा: इसके माध्यम से कांवड़ियों के ऊपर आसमान से पानी की हल्की और ठंडी फुहारें गिराई जाएंगी, जिससे उन्हें भीषण गर्मी और धूप से तुरंत राहत मिलेगी।
वरुण वर्षा: इस व्यवस्था के जरिए विशेष रूप से कांवड़ियों के थके हुए और गर्म हो चुके पैरों को शीतलता प्रदान करने के लिए पानी के छिड़काव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनके पैरों की जलन और दर्द कम हो सके।
'कोल्ड वाटर फॉगिंग' से मिलेगी ठंडक
इसके अलावा, जलार्पण के लिए लंबी कतारों में लगने वाले और मेला क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले कांवड़ियों के लिए आवश्यकतानुसार समय-समय पर 'कोल्ड वाटर फॉगिंग' (Cold Water Fogging) कराई जाएगी। इसके जरिए ठंडे पानी के सूक्ष्म कणों (फोग) हवा में छोड़े जाएंगे, जिससे आसपास के वातावरण का तापमान कम होगा और भक्तों को ताजगी का अहसास होगा। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित विभागों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर निगम के इस जनहितकारी और संवेदनशील कदम से कांवड़ियों की कठिन यात्रा काफी हद तक सुगम और आरामदायक हो जाएगी, जिससे वे बिना किसी शारीरिक कष्ट के पूरी ऊर्जा के साथ बाबा भोलेनाथ के दरबार में अपनी हाजिरी लगा सकेंगे।





