
x
तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार को यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला। यह मार्च केरल सचिवालय की ओर निकाला गया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिपोर्टों के अनुसार, यूथ कांग्रेस का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच हुआ। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और उनके पद से हटने की मांग की। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों को लेकर पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग रहा है।
#WATCH तिरुवनंतपुरम, केरल: यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला। pic.twitter.com/09RPOzNrCZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 30, 2026
मार्च के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और SFI (Students’ Federation of India) कार्यकर्ताओं के बीच केरल यूनिवर्सिटी हॉस्टल के पास झड़प हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पथराव और हाथापाई की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। यूथ कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि SFI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिससे कुछ लोग घायल हुए। दूसरी ओर, घटनाक्रम के दौरान हॉस्टल परिसर में भी तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में इस्तेमाल के लिए लाई गई जलती मशाल को कथित तौर पर हॉस्टल परिसर की ओर फेंका गया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस ने बाद में दोनों पक्षों को अलग किया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद यूथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर सचिवालय की ओर ले गए। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच विरोध मार्च आगे बढ़ा। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग केवल केरल तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। 30 सितंबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक में भी CEC के खिलाफ कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
वहीं, CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई से अलग है। संविधान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने जैसी प्रक्रिया लागू होती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक होता है। तिरुवनंतपुरम में बुधवार का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प की पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
Next Story





