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दीवार पर चैट स्क्रीनशॉट चिपकाए
Gonda गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर फर्जी मुकदमे और लगातार ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने अपने कमरे की दीवार पर व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीनशॉट और सुसाइड नोट चिपकाए थे। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस पूरी मानसिक पीड़ा के पीछे एक महिला और उसके पति का हाथ है, जिन्होंने कथित तौर पर उसे ब्लैकमेल किया। घटना गोंडा नगर क्षेत्र के छेदीपुरवा स्टेशन रोड की है। मृतक युवक का नाम अभिषेक श्रीवास्तव बताया गया है। उसके चचेरे भाई उद्भव श्रीवास्तव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बुधवार शाम गायत्रीपुरम में रहने वाले उनके चाचा अशोक कुमार श्रीवास्तव के घर से उनकी चचेरी बहन आस्था श्रीवास्तव ने घटना की जानकारी दी। आस्था ने बताया कि अभिषेक अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था और काफी देर तक बाहर से आवाज देने पर भी नहीं खोल रहा था।
इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अभिषेक को पंखे से लटका पाया गया। पुलिस ने बताया कि अभिषेक ने अपने कमरे की दीवार पर अपने सामने रहने वाली सोनल सिंह और उसके पति अजीत सिंह के साथ हुई कॉल और चैटिंग के स्क्रीनशॉट प्रिंट कर चस्प कर रखे थे। इसके अलावा, उसने सुसाइड नोट भी लिखा था। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने कहा कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि अभिषेक श्रीवास्तव फर्जी मुकदमे और लगातार ब्लैकमेलिंग से मानसिक रूप से परेशान था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सोनल सिंह और उसके पति अजीत सिंह ने अभिषेक के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था, जिससे वह करीब 10 दिन जेल में भी रह चुका था। इसके बाद भी आरोपियों ने लगातार पैसों की मांग और ब्लैकमेलिंग के माध्यम से उसे मानसिक रूप से परेशान किया। अभिषेक इस अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव में इतना आहत हुआ कि उसने यह अंतिम कदम उठाया। परिवार के अनुसार, अभिषेक एक जिम्मेदार और संवेदनशील युवक था। वह अपने परिवार और आस-पड़ोस में अपनी इज्जत के लिए हमेशा सतर्क रहता था। लेकिन फर्जी मुकदमे और लगातार ब्लैकमेलिंग ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और चैट स्क्रीनशॉट इस बात के प्रमाण हैं कि उसने यह कदम मजबूरी में उठाया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ब्लैकमेलिंग में कितने लोग शामिल थे और किन माध्यमों से अभिषेक को धमकाया गया।
घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। स्थानीय लोग इस घटना को दुखद और चिंताजनक मान रहे हैं। मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के चलते युवा आत्महत्या के मामले समाज में चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्दी मानसिक सहायता और कानून के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे फर्जी मुकदमे और ब्लैकमेलिंग लोगों के जीवन को तबाह कर सकते हैं। पुलिस की जांच जारी है और आरोपी जल्द ही न्यायालय में पेश किए जाएंगे। अभिषेक की आत्महत्या की यह घटना परिवार और समाज के लिए चेतावनी है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मानसिक शोषण और ब्लैकमेलिंग गंभीर परिणाम ला सकता है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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