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लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को पूरे दिन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने जोन-6 के सैठा और जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर समेत कई इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नाव संचालन, पेयजल, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और राहत सुविधाओं की समीक्षा की।
प्रभावित इलाकों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं, जबकि 10 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल भी उपलब्ध कराया गया है। जलभराव प्रभावित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। इनमें दाउद नगर में 10 और लोहरामऊ व मिल्लत नगर में एक-एक रैन बसेरा बनाया गया है। जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 26 लोग रैन बसेरों में ठहरे हुए हैं। इसके अलावा पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध कराए गए हैं।
90 नावें राहत कार्य में तैनात
जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में लगाई गई हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं। दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि लोहरामऊ और मिल्लत नगर में भी 25-25 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज समेत विभिन्न इलाकों में नावों और स्टीमर के जरिए लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है।
बीमारियों से बचाव के लिए ड्रोन से छिड़काव
जलभराव के बाद बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वच्छता अभियान भी तेज किया गया है। यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी तैनात हैं। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।
करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए एमएलओ और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा चुका है। उन स्थानों पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां सामान्य मशीनों का पहुंचना मुश्किल है। छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों के साथ एलएसए की दो बड़ी मशीनें भी लगाई गई हैं।
नगर आयुक्त ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी में बनाए गए अस्थायी भंडार केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राहत सामग्री को समय पर प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पानी उतरने के बाद की स्थिति के लिए भी तैयार रहें। प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग टीम बनाई जा रही है, जो पानी कम होते ही कीचड़ और कचरा हटाने के साथ ब्लीचिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का काम करेगी।
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