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आपत्तिजनक टिप्पणी केस में यति नरसिंहानंद गिरफ्तार, अब जेल में...

jantaserishta.com
16 Jan 2022 10:12 AM GMT
आपत्तिजनक टिप्पणी केस में यति नरसिंहानंद गिरफ्तार, अब जेल में...
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देहरादून: धर्म संसद मामले में पुलिस एक्शन के बाद यति नरसिंहानंद का विरोध कम नहीं हुआ है। अस्पताल में भी केवल रस आहार पर उनका अनशन जारी है। उनका कहना है कि यह लड़ाई लंबी है और वह रस आहार लेकर सत्याग्रह को तब तक जारी रखने का ऐलान किया, जब तक जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की रिहाई नहीं हो जाती। कहा कि सन्तो पर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए।

धर्म संसद पर हरिद्वार, काशी, प्रयाग समेत देश के कई भागों में 16 जनवरी रविवार को प्रतिकार सभा आयोजित की गई। जबकि, 22 जनवरी को अलीगढ़ में होने वाली धर्म संसद में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। प्रबोधानंद गिरी ने कहा कि जो भी सनानत धर्म और संस्कृति को मानते हैं वह भी प्रतिकार करना शुरू कर दें।
संतों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर संतों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। धर्म संसद सौ करोड़ सनातनियों के हित की रक्षा की बात कर रही है। हिन्दू राष्ट्र बनने तक धर्म संसद चलती रहेगी। धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी ने कहा कि प्रतिकार सभा में भारी संख्या में संत हरिद्वार में भाग लेने पहुंचे हैं।
धर्म संसद में भड़काऊ भाषण और एक समुदाय विशेष की महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया गया। यति की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार रात को उनके समर्थकों ने कोतवाली में हंगामा किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उनके समर्थकों को तितर-बितर किया। यति को गिरफ्तारी के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तारी से कुछ समय पहले ही धर्म संसद कोर कमेटी ने शांभवी आश्रम में बैठक करके 3 दिन से अनशन कर रहे यति नरसिंहानंद और अमृतानंद अनशन खत्म करने को राजी हो गए थे। यह फैसला लिया गया था कि सत्याग्रह चलता रहेगा, लेकिन पुलिस ने 17 जनवरी को सर्वानंद घाट में प्रतिकार सभा होने से पहले ही शनिवार शाम को नरसिंहानंद को गिरफ्तार कर लिया। उधर नरसिंहानंद की गिरफ्तारी पर धर्म संसद के अध्यक्ष प्रबोधानन्द गिरी आनंद ने कहा कि प्रतिकार सभा होकर रहेगी।
धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी की जमानत याचिका सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी। गुरुवार को हरिद्वार पुलिस ने जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ हरिद्वार के वेद निकेतन में हुई धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दो मुकदमे दर्ज हैं।
साथ ही धर्मपरिवर्तन से पहले अपनी पुस्तक का विमोचन के मौके पर पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में भी उन पर मुकदमा दर्ज है। शनिवार को सीजेएम कोर्ट ने रिजवी जमानत याचिका रद कर दी। रिजवी के अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान ने बताया कि अब सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की जाएगी।

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