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नवरात्र के तीसरे दिन करे मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना

Subhi
13 Oct 2026 7:11 AM IST
नवरात्र के तीसरे दिन करे मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना
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मां चंद्रघंटा

नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाएगी. मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित है, जिसके कारण उन्हें यह नाम मिला. उनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र दर्शाए गए हैं. मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना से साहस, आत्मविश्वास और निर्भयता का भाव बढ़ता है. देवी का यह स्वरूप शक्ति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है. इनकी उपासना से भय दूर करने और मन को मजबूत बनाने की प्रेरणा मिलती है. ज्योतिष में मां चंद्रघंटा का संबंध मंगल ग्रह से बताया गया है. मंगल कमजोर होने या मंगल दोष के मामले में भी इनकी पूजा से बड़ा लाभ मिलता है.

नवरात्र के तीसरे दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. लाल रंग के वस्त्र पहनें और व्रत-पूजा का संकल्प लें. पूजा के लिए सबसे पहले देवी मां को लाल फूल, रक्त चंदन और लाल चुनरी अर्पित करें. इसके बाद श्रद्धापूर्वक देवी की पूजा करें और मंत्रों का जाप करें. मां चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है. पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और परिवार के अन्य सदस्यों में भी बांटें. श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा को देवी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है.

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुंडली में मंगल कमजोर होने या मंगल दोष होने पर मां चंद्रघंटा की आराधना करना शुभ माना जाता है. इस दिन लाल वस्त्र पहनकर देवी को लाल फूल और तांबे का सिक्का या तांबे की कोई वस्तु अर्पित कर सकते हैं. मां को हलवा या मेवे का भोग लगाने की भी परंपरा है.


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