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अब सऊदी के समर्थन का ऐलान
Delhi दिल्ली: पाकिस्तान ने ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच अपना रुख स्पष्ट करते हुए सऊदी अरब के साथ खड़े होने का संकेत दिया है। क्षेत्र में जारी तनाव और हमलों की घटनाओं के बीच पाकिस्तान की इस स्थिति को अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले पाकिस्तान की ओर से ईरान के प्रति नरम रुख देखने को मिला था, लेकिन अब उसने सऊदी अरब के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। सऊदी अरब के साथ सुरक्षा सहयोग और रक्षा समझौतों के मद्देनजर पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है। मध्य-पूर्व में हालिया घटनाक्रम, विशेष रूप से तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों और लगातार बढ़ते सैन्य तनाव ने क्षेत्रीय समीकरणों को जटिल बना दिया है। ऐसे में पाकिस्तान का रुख बदलना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के इस फैसले के पीछे आर्थिक और रणनीतिक कारण भी हो सकते हैं, क्योंकि सऊदी अरब लंबे समय से उसका प्रमुख सहयोगी रहा है। वहीं, ईरान के साथ संतुलन बनाए रखना भी पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पकिस्तान अब अमेरिका इरान के युद्ध में अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. पकिस्तान ने सऊदी के साथ एक नाटो के जैसे संधि किया था की सऊदी का हम'ला पकिस्तान को माना जाएगा. और पाकिस्तान पर हम'ला सऊदी पर माना जायेगा. लेकिन पकिस्तान ने इस संधि को नहीं निभाया ईरान ने सऊदी का सबसे बड़ा रिफाइनरी उड़ा दिया लगातार अटै'क कर रहा है. अब बोला है की हम सऊदी के साथ रहेंगे हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से औपचारिक विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि वह क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सऊदी अरब के साथ खड़ा रहेगा। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान का यह रुख आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के इस फैसले के पीछे आर्थिक और रणनीतिक कारण भी हो सकते हैं, क्योंकि सऊदी अरब लंबे समय से उसका प्रमुख सहयोगी रहा है। वहीं, ईरान के साथ संतुलन बनाए रखना भी पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पकिस्तान अब अमेरिका इरान के युद्ध में अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. पकिस्तान ने सऊदी के साथ एक नाटो के जैसे संधि किया था की सऊदी का हम'ला पकिस्तान को माना जाएगा. और पाकिस्तान पर हम'ला सऊदी पर माना जायेगा. लेकिन पकिस्तान ने इस संधि को नहीं निभाया ईरान ने सऊदी का सबसे बड़ा रिफाइनरी उड़ा दिया लगातार अटै'क कर रहा है. अब बोला है की हम सऊदी के साथ रहेंगे हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से औपचारिक विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि वह क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सऊदी अरब के साथ खड़ा रहेगा। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान का यह रुख आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर डाल सकता है।
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