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रक्षाबंधन पर अखिलेश को महिलाओं ने बांधी राखी, बोले- सुरक्षा और सम्मान हमारी जिम्मेदारी
jantaserishta.com
27 Aug 2026 4:06 PM IST

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लखनऊ: लखनऊ में रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को राखी बांधी। अखिलेश ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली की जिम्मेदारी लेना भी रक्षाबंधन का संदेश है। इसके बाद उन्होंने जेपीएनआईसी को निजी कंपनी को लीज पर देने के फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
सपा कार्यालय में महिलाओं ने अखिलेश यादव को बांधी राखी
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में रक्षाबंधन के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी कार्यालय के लोहिया सभागार में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और अखिलेश यादव को राखी बांधी। राखी बांधने के बाद अखिलेश यादव ने महिलाओं को शगुन का लिफाफा दिया और उन्हें रक्षाबंधन की बधाई दी। इस दौरान अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के पर्व को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि बहनों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली की जिम्मेदारी लेने का अवसर भी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं के हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा के लिए काम किया जाएगा।
रक्षाबंधन को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को लेकर समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति जिम्मेदारी केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने रक्षाबंधन के पर्व को इसी जिम्मेदारी की भावना से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल और सम्मान मिलना जरूरी है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर महिलाओं के हितों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी मौजूदगी के बीच अखिलेश यादव ने सभी को त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
‘भाजपा चाहती तो 10 साल में काम पूरा हो जाता’
अखिलेश यादव ने कहा कि जेपीएनआईसी का निर्माण जनता के पैसे से हुआ है और यह 18 एकड़ से अधिक, करीब 20 एकड़ जमीन में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह नहीं होना चाहिए कि इसे किसने बनाया या किस सरकार के समय इसका निर्माण हुआ। उन्होंने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार चाहती तो जेपीएनआईसी का काम वर्षों पहले पूरा हो सकता था। अखिलेश ने दावा किया कि करीब 10 साल का समय बीतने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री पहले जेपीएनआईसी का निरीक्षण करने जाते थे। उस समय यह भी देखा जाता था कि निर्माण में किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ और काम निजी लोगों को क्यों दिया जा रहा है। अब इसी परियोजना को संचालन के लिए निजी कंपनी को लीज पर देने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
कैबिनेट के फैसले के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी को संचालन के लिए एक निजी कंपनी को लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। फैसले के बाद अखिलेश यादव और सपा नेता शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा। इस फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से विरोध की आशंका के चलते जेपीएनआईसी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि सपा नेता और कार्यकर्ता सेंटर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
इसी वजह से परिसर के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। जेपीएनआईसी को लेकर सरकार और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
2013 में शुरू हुआ था जेपीएनआईसी का निर्माण
जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का निर्माण वर्ष 2013 में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान शुरू हुआ था। 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद निर्माण पूरा होने से पहले ही काम रोक दिया गया। बताया गया कि उस समय फिनिशिंग समेत करीब 50 करोड़ रुपये का काम बाकी था। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए को शासन से आवश्यक बजट नहीं मिल सका।
बजट की कमी के कारण जेपीएनआईसी लंबे समय तक बंद रहा। करीब नौ साल से बंद पड़े इस सेंटर की हालत भी धीरे-धीरे खराब होती गई। अब इसके संचालन को लेकर सरकार ने निजी कंपनी को लीज देने का फैसला किया है, जिस पर समाजवादी पार्टी सवाल उठा रही है।
पहले भी जेपीएनआईसी पहुंच चुके हैं अखिलेश
अखिलेश यादव पहले भी जेपीएनआईसी को लेकर सक्रिय रहे हैं। करीब तीन साल पहले वह जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर जेपीएनआईसी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने परिसर में स्थित जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था। अब एक बार फिर जेपीएनआईसी राजनीतिक बहस के केंद्र में है। एक ओर सरकार के कैबिनेट फैसले के बाद इसके संचालन की नई व्यवस्था की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी इस फैसले का विरोध कर रही है।
रक्षाबंधन कार्यक्रम से शुरू हुआ अखिलेश यादव का दिन महिलाओं के सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे से जुड़ा रहा, जबकि बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जेपीएनआईसी को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। इससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में दोनों मुद्दों को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है।
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