महिला को तलाशने में मदद कर रहा था वही निकला कातिल, वजह ब्लैकमेलिंग बताया

पति संतोष ने तलाश की लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। उसने 19 फरवरी को मल्हीपुर थाने में पत्नी आंचल की गुमुशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान घटना के दिन आंचल की मोबाइल लोकेशन और इसी थाना क्षेत्र के भवनियापुर निवासी सूरज वर्मा पुत्र छोटे का मोबाइल लोकेशन ककरदरी जंगल में एक ही जगह मिला। इस पर पुलिस ने सूरज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो खुलासा हुआ कि सूरज ने महिला की हत्या कर शव को जंगल में सूखे पत्तों की मदद से जला दिया। पुलिस ने निशानदेही पर मंगलवार को ककरदरी जंगल में महिला का पर्स, अधजली साड़ी, जूता, चूड़ी, जबड़े बरामद किए। साड़ी, जूता आदि सामान की पहचान पति संतोष ने की। पुलिस ने एसएसबी के डॉग स्क्वॉड की मदद से रीढ़, पैर के साथ सिर समेत अन्य अवशेष बरामद किए गए। पुलिस ने पति की तहरीर पर सूरज पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
महिला की हत्या करने के बाद आरोपी ने मृतका के पति के साथ मिल कर खोजने में भी मदद करने लगा ताकि किसी को शक न हो। करीब एक सप्ताह तक पुलिस व परिजनों को चकमा देकर हत्यारोपी सूरज परिजनों के साथ मिल कर मदद का दिखावा करता रहा। लेकिन जब पुलिस ने मोबाइल फोन को ट्रेस किया तो पता चला कि सूरज वर्मा और मृतका की मोबाइल का लोकेशन अंतिम दिन एक साथ जंगल में मिला। इससे पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो परत दर परत खुलता चला गया। मृतका और सूरज वर्मा का पिछले करीब चार महीने से प्रेम संबंध चल रहा था। इस बीच महिला का किसी और से भी प्रेम संबंध होने की जानकारी हुई तो सूरज वर्मा और महिला का विवाद हो गया। इस पर दोनों में अनबन हो गई और महिला ने सूरज से पैसे की मांग की। लेकिन सूरज ने महिला को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। इस बीच सूरज से महिला ने फिर से संपर्क किया और पैसे भी खर्च करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही 17 फरवरी को फोन से संपर्क करके जंगल में बुलाया और नृशंसता से हत्या कर दी। इसके बाद शव को कई स्थानों पर फेंक दिया। सिर का केवल जबड़ा मिला और एक हाथ कुछ दूर बरामद किया गया। धड़ को पत्तियों के साथ जला दिया गया था। पति ने बरामद किए गए सामानों से मृतका की पहचान की। पुलिस ने सभी कड़ियों को मिला कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी टीम में मल्हीपुर थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक योगेन्द्र बाबू, चन्द्रोदय मिश्रा, मुख्य आरक्षी कर्मवीर सिंह, आरक्षी कुलदीप किशोर श्रीवास्तव, अनुराग वर्मा व महिला आरक्षी रीतू पाण्डेय शामिल रहीं।
महिला किसान नेता की हत्या को लेकर पुलिस का कहना है कि बीते तीन चार महीने पहले आरोपी सूरज व आंचल के बीच मोबाइल के जरिए सम्पर्क हुआ था। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। आंचल ब्लैकमेल कर सूरज से पैसे मांगती थी। पैसा न देने पर थाने में शिकायत करने की धमकी देती थी और सूरज से पैसे लेती रहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर सूरज ने 17 फरवरी को आंचल की हत्या कर दी और शव को क्षत विक्षत कर जंगल में छिपा दिया। और सूखी पत्तियों के साथ जला दिया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी सूरज को क्षेत्र के राप्ती बैराज के पास लक्ष्मनपुर कोठी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आंचल हत्याकांड का आरोपी भवनियापुर निवासी सूरज वर्मा पुत्र छोटे इस हत्या के पहले से ही गुण्डा एक्ट समेत आधा दर्जन मामलों में अपराधी है। जिसके विरुद्ध मल्हीपुर थाने में छेड़खानी, चोरी, शस्त्र अधिनियम, शांतिभंग, गुण्डा एक्ट समेत कुल आधा दर्जन आपराधिक मुकदमें दर्ज है। आंचल की हत्या के बाद आरोपी सूरज के विरुद्ध सातवां मुकदमा हत्या का दर्ज किया गया है। वर्ष 2011 में चार, 2016 व 2017 में एक-एक मुकदमा दर्ज हुआ था।





