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IAS बनकर होटल लीज का दिया झांसा, 49 लाख की ठगी में तृप्ति सिंह पर चौथी FIR

SHIDDHANT
3 Sept 2026 12:08 AM IST
IAS बनकर होटल लीज का दिया झांसा, 49 लाख की ठगी में तृप्ति सिंह पर चौथी FIR
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होटल लीज का झांसा देकर 49 लाख हड़पे फर्जी IAS पर चौथी FIR
BHOPAL भोपाल। खुद को IAS अधिकारी और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर बताकर कथित रूप से लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोपाल की बागसेवनिया पुलिस ने होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 49 लाख रुपये की ठगी के आरोप में तृप्ति सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में उसके भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर को भी आरोपी बनाया गया है। इसे तृप्ति सिंह के खिलाफ चौथी FIR बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक सिवनी निवासी 31 वर्षीय गगन उपवंशी ने बागसेवनिया थाने में शिकायत की थी। गगन का आरोप है कि तृप्ति सिंह ने खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर बताया था। उसने अपने कथित पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मध्यप्रदेश टूरिज्म में होटल लीज पर दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तृप्ति ने अपने भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर के साथ मिलकर होटल लीज की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर अलग-अलग समय में करीब 49 लाख रुपये लिए। रकम देने के बाद भी जब होटल लीज की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो फरियादी ने आरोपियों से संपर्क किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
बागसेवनिया पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किस तरह ली गई और पूरे मामले में तीनों आरोपियों की क्या भूमिका रही। तृप्ति सिंह पहले से अशोकनगर में दर्ज मामलों को लेकर पुलिस कार्रवाई का सामना कर रही है। भोपाल पुलिस अब नए मामले में उससे पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए बागसेवनिया पुलिस की टीम उसे प्रोडक्शन रिमांड पर लेने अशोकनगर पहुंची है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक शिकायत में तृप्ति सिंह पर खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर बताने और होटल का ठेका दिलाने के नाम पर करीब 49 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायत की जांच के बाद FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार तृप्ति सिंह से जुड़ी अन्य शिकायतें भी सामने आ रही हैं और उनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सरकारी पद, ठेका या लीज दिलाने का भरोसा देकर क्या अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम ली गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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