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WMO की चेतावनी, मजबूत अल-नीनो से बढ़ेगी गर्मी और कमजोर पड़ सकता है मॉनसून

SHIDDHANT
2 Jun 2026 9:43 PM IST
WMO की चेतावनी, मजबूत अल-नीनो से बढ़ेगी गर्मी और कमजोर पड़ सकता है मॉनसून
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वैश्विक मौसम पर असर संभव
Delhi दिल्ली: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और आने वाले महीनों में इसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ सकता है। संगठन के अनुसार, वर्ष 2026 में अल-नीनो के मध्यम से लेकर बहुत मजबूत स्तर तक पहुंचने की संभावना है, जिससे वैश्विक तापमान में वृद्धि और कई क्षेत्रों में सूखे जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के समुद्री जल का असामान्य रूप से गर्म होना इस प्रक्रिया को बढ़ावा दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने भी चेतावनी दी है कि अल-नीनो का प्रभाव पहले से बढ़ रहे वैश्विक तापमान को और तेज कर सकता है, जिसका असर कृषि, जल संसाधनों और जनजीवन पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अल-नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जो मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान के बढ़ने से उत्पन्न होती है। यह अल-नीनो साउदर्न ऑसीलेशन (ENSO) चक्र का हिस्सा है। आमतौर पर यह हर दो से सात साल में एक बार सक्रिय होता है और लगभग 9 से 12 महीनों तक प्रभाव बनाए रख सकता है।
भारत के संदर्भ में अल-नीनो का असर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके
कारण
कई इलाकों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हो सकती है, जिससे कृषि क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है और अंतिम स्थिति आने वाले महीनों के मौसमीय विकास पर निर्भर करेगी।
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