सिर्फ 12 दिन के भीतर देश में ओमिक्रॉन का खतरा आठ गुना बढ़ा, लेकिन चुनावी रैलियों पर अब तक रोक नहीं

नई दिल्ली: संविधान ने जनता को जीवन का अधिकार दिया है. उसी संविधान से चुनाव लड़ने, चुनाव कराने का अधिकार भी है, लेकिन बड़ा क्या है? जीवन का अधिकार या फिर चुनावी अधिकार? एक तरफ चुनाव है, दूसरी तरफ कोरोना की तीसरी लहर का तनाव है. इसी चुनाव और तनाव के बीच हर राजनीतिक दल को इलेक्शन ज्यादा प्यारा है, जनता के जीवन का सेलेक्शन नहीं. यूपी में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जब राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, एक भी पार्टी ने कोरोना के कारण चुनाव को टालने की बात नहीं की. सबने कहा इलेक्शन हों.
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।





