भारत
खेल-खेल में प्राइवेट पार्ट पर किया लकड़ी से वार, बच्चा गंभीर
Shantanu Roy
14 March 2026 5:36 PM IST

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परिजनों ने जताया आक्रोश
Nagpur. नागपुर। पांढुर्णा जिले के एक गांव में शनिवार को खेल-खेल में बच्चों के बीच हुए विवाद के दौरान एक बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, खेल के दौरान आपसी झगड़े और धक्का-मुक्की के चलते एक बच्चे ने दूसरे के प्राइवेट पार्ट पर लकड़ी से वार कर दिया। घटना के बाद घायल बालक को प्राथमिक उपचार के लिए पांढुर्णा सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन घाव की गंभीरता और रक्तस्राव की वजह से उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया।
घटना का विवरण
पांढुर्णा के एक गांव में दो बच्चे शनिवार सुबह खेल रहे थे। खेल के दौरान किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी और झगड़ा शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के क्रम में धक्का-मुक्की हुई और एक बच्चे ने लकड़ी उठाकर दूसरे बालक के प्राइवेट पार्ट पर वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि बालक की चोट अंदरूनी और लहूलुहान स्थिति में थी। घटना के तुरंत बाद बालक के परिजन उसे लेकर पांढुर्णा सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन घाव की गंभीरता और रक्तस्राव को देखते हुए उन्हें तुरंत नागपुर रेफर कर दिया गया। नागपुर में बालक का इलाज जारी है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
परिजनों का बयान
घायल बालक के पिता ने मीडिया को बताया कि यह घटना पूरी तरह खेल-खेल में अचानक उपजे विवाद की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि यह न तो किसी जानबूझकर हिंसा का मामला था और न ही बच्चों के बीच कोई पुराना झगड़ा था। परिजन फिलहाल बच्चे के बेहतर इलाज और स्वास्थ्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हादसे की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस को दे दी है। पुलिस ने बताया कि घटना की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त होने के बाद मौके पर जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल यह मामला खेल-खेल में हुई दुर्घटना की श्रेणी में आता है, लेकिन बच्चे को गंभीर चोट लगी है, इसलिए आगे की कानूनी कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
सुरक्षा और बच्चों की देखरेख
स्थानीय समाजसेवियों और स्कूल प्रबंधन ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों के खेल के दौरान अभिभावकों और शिक्षकों को अधिक सतर्क रहना चाहिए। खेल-खेल में किसी भी तरह की हिंसा से गंभीर चोट लग सकती है। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों के प्राइवेट पार्ट पर चोट गंभीर हो सकती है और ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे को खेल के दौरान सही तरीके से निगरानी में रखें और हिंसा या झगड़े की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप करें।
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