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जब भड़क गए पूर्व सीएम, गेट फांदकर घुसे अंदर, हुआ हंगामा

jantaserishta.com
11 Oct 2023 7:23 AM GMT
जब भड़क गए पूर्व सीएम, गेट फांदकर घुसे अंदर, हुआ हंगामा
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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के जेपी नारायण इंटरनेशनल सेंटर के गेट पर सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए. मौके पर खुद सपा मुखिया अखिलेश यादव मौजूद रहे. दरअसल, आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव को उन्‍हें श्रद्धांजलि देने जाना था. लेकिन सपा मुखिया को अंदर नहीं जाने दिया गया. ऐसे में JPNIC का गेट बंद होने पर अखिलेश यादव गेट फांदकर अंदर दाखिल हुए और जय प्रकाश नारायण की मूर्ति पर माल्यार्पण किया.
बताया जा रहा है कि LDA ने देर शाम ही गेट पर ताला डाल दिया था. गेट फांदकर कोई न जा पाए इसके लिए लोहे की चादर की दीवार भी लगा दी थी. एलडीए ने सुरक्षा कारणों की वजह से अखिलेश को JPNIC में जय प्रकाश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी.
इसके विरोध में बड़ी संख्‍या में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए. वहीं, JPNIC के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई. इस बीच मौके पर अखिलेश यादव पहुंचे और गेट फांदकर JPNIC के अंदर चले गए. अफरातफरी के माहौल के बीच लखनऊ का सियासी पारा हाई हो गया है.
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. पार्टी ने X पर लिखा- भाजपा सरकार द्वारा लोकनायक जय प्रकाश नारायण जी की जयंती पर उनके नाम पर बने JPNIC पर ताला लगाना, अत्यंत निंदनीय है. पहले तो इस नाकारा सरकार ने लखनऊ में बने JPNIC जैसे विकास कार्य को बर्बाद किया, अब उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण न करने देना महापुरुषों के विरुद्ध विचाराधारा को दर्शाता है. बेहद शर्मनाक.
वहीं, अखिलेश यादव ने X पर लिखा- "महान समाजवादी विचारक, सामाजिक न्याय के प्रबल प्रवक्ता लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर अब क्या सपा को माल्यार्पण करने से रोकने के लिए ये टीन की चद्दरें लगाकर JPNIC का रास्ता रोका जा रहा है. सच ये है कि भाजपा लोकनायक जयप्रकाश जी के भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोज़गारी और महंगाई के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन की स्मृति को दोहराने से डर रही है क्योंकि भाजपा के राज में तो भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोजगारी और महंगाई तब से कई गुना ज्यादा है. अब क्या माल्यार्पण के लिए भी जयप्रकाश नारायण जी की तरह ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ का आह्वान करना पड़ेगा. अगर भाजपा को यही मंजूर है तो यही सही."
गौरतलब है कि JPNIC को लेकर सपा और भाजपा सरकार में 2017 से ही विवाद चल रहा है. सपा के मुताबिक, JPNIC अखिलेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था. इस प्रोजेक्ट पर सरकार ने कई आरोप भी लगाए गए हैं.
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