जब अरुण जेटली मोदी के लिए बने संकटमोचक, बची थी सीएम पद की कुर्सी

नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की आज जयंती है। कई बीमारियों से जूझने वाले अरुण जेटली ने अगस्त 2019 में ही दुनिया को अलविदा कह दिया था। अरुण जेटली वह शख्स थे जिनकी पीएम मोदी से करीबी किसी से छिपी नहीं थी। माना जाता है कि अरुण जेटली के साथ पीएम मोदी की करीबी काफी पुरानी थी। यह दोस्ती तब और बढ़ी जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्रीय नेतृत्व उन्हें इस पद से हटाने पर विचार कर रहा था लेकिन उस समय अरुण जेटली मोदी के लिए संकटमोचक बने और मोदी की कुर्सी बच गई। माना जाता है कि वह अरुण जेटली ही थे जो नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय राजनीति में लाए।
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