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हिमाचल में बर्फबारी और बारिश से बदला मौसम, कई जिलों में अलर्ट जारी

Shantanu Roy
30 March 2026 10:25 PM IST
हिमाचल में बर्फबारी और बारिश से बदला मौसम, कई जिलों में अलर्ट जारी
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Himachal Pradesh. हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे रोहतांग दर्रा, धौलाधार, किन्नौर और छितकुल में रविवार को ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि शिमला और धर्मशाला समेत मध्यम और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इस बदलाव से प्रदेशभर में ठंड एक बार फिर बढ़ गई है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मौसम 4 अप्रैल तक खराब बना रह सकता है। सोमवार के लिए कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि और अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना भी जताई गई है।

मौसम की खराब स्थिति का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। खराब दृश्यता के चलते दिल्ली से कांगड़ा के गगल हवाईअड्डे आने वाली इंडिगो की पहली उड़ान रद्द कर दी गई। वहीं, पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सोलंग बैरियर से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात होता रहा। रोहतांग दर्रा में करीब 20 सेंटीमीटर, कोकसर में 3 सेंटीमीटर, शिकुंला में 15 सेंटीमीटर, कुंजुम पास में 15 सेंटीमीटर और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई। भारी हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई। वहीं, मनाली से अटल टनल रोहतांग की ओर जाने वाले मार्ग पर भी दोपहर तक यातायात प्रभावित रहा।

हालांकि, कुछ दिन पहले मनाली-दारचा-कारगयाक-पदम होते हुए लेह को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग के खुलने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत मिली थी, लेकिन ताजा मौसम बदलाव ने फिर से आवाजाही को प्रभावित कर दिया है। इस बारिश और बर्फबारी का असर किसानों और बागवानों पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर नमी से कुछ फसलों को लाभ मिल सकता है, वहीं सेब और नाशपाती की फ्लावरिंग पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा गेहूं की फसल के लिए अधिक धूप की
आवश्यकता
होती है, ऐसे में लगातार बारिश नुकसान का कारण बन सकती है। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें करीब 5 डिग्री की गिरावट आई है। सुंदरनगर का तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि धर्मशाला में 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली का तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस और नेरी का 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसमें भी गिरावट देखी गई।
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