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राहुल की लाल किताब पर मचा सियासी बवाल
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संविधान की किताब के रंग और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे 'रेजीम चेंज' के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने कहा कि उन्होंने हमेशा नीले रंग की संविधान की किताब देखी है, लेकिन अब विपक्ष के नेता लाल रंग की किताब लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने विपक्ष के 'रेजीम चेंज' के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका अर्थ केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था बदलना भी हो सकता है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान का भी जिक्र किया।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की याद दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया था। उन्होंने 1976 के 42वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर असर पड़ा था। फडणवीस ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'बोतल नई है, लेकिन शराब वही है।' उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की मौजूदा राजनीति में आपातकाल के दौर जैसी सोच दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री ने नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए लाल किताब को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, किताब के रंग और इन देशों में सत्ता परिवर्तन के बीच उनके बताए संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फडणवीस ने न्यायपालिका के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अदालतें संविधान और कानून के आधार पर फैसले करती हैं, इसलिए न्यायिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
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