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देखे Video: DGP के. रामचंद्र राव का महिला के साथ कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल

SHIDDHANT
19 Jan 2026 11:01 PM IST
देखे Video: DGP के. रामचंद्र राव का महिला के साथ कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल
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सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
Karnataka कर्नाटक: एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में कथित तौर पर डीजीपी रैंक के आईपीएस अधिकारी डॉ. रामचंद्र राव को अपने सरकारी कार्यालय में महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला गंभीर विवाद का रूप ले चुका है और सीधे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक पहुंच गया है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो ड्यूटी के समय का है और अधिकारी पुलिस वर्दी में नजर आ रहे हैं। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना न केवल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आचरण पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग की साख पर भी गंभीर असर डाल सकती है। इसी वजह से मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसकी आधिकारिक पुष्टि जनता से रिश्ता नहीं करता है वही यह वीडियो AI द्वारा बनाया गया है या ओरिजिनल है यह जांच का विषय है यह समाचार जन सरकार के माध्यम से प्राप्त हुआ है जिसकी वजह से इस समाचार को प्रकाशित किया गया है इस समाचार का उद्देश्य किसी भी व्यक्तिगत या व्यक्ति विशेष को या उनकी मान को हानि पहुंचाना नहीं है जो भी वीडियो वायरल हो रहे हैं वहां सोशल मीडिया पर ही वायरल हो रहे हैं




सोशल मीडिया पर मचा बवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इस घटना को पुलिस की
गरिमा
के खिलाफ बताया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ लोग वीडियो की सत्यता पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो की जानकारी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को दे दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक जांच कराने का फैसला किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो असली है या किसी तरह की एआई तकनीक या एडिटिंग के जरिए तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
डीजीपी डॉ. रामचंद्र राव का बयान
विवाद के बीच डीजीपी रैंक के आईपीएस अधिकारी डॉ. रामचंद्र राव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने दावा किया है कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत तैयार किया गया है।
डॉ. रामचंद्र राव ने कहा कि आज के दौर में एआई और एडिटिंग तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति को गलत तरीके से फंसाया जा सकता है। उन्होंने निष्पक्ष और तकनीकी जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने के बाद उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फॉरेंसिक जांच पर टिकी नजरें
अब पूरे मामले की कुंजी फॉरेंसिक रिपोर्ट को माना जा रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो में किसी तरह की डिजिटल छेड़छाड़, डीपफेक या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हुआ है या नहीं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि वीडियो वास्तविक है या नहीं।
पुलिस विभाग की छवि पर असर
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पुलिस विभाग से उच्च नैतिक मानकों की उम्मीद की जाती है। अगर वीडियो असली साबित होता है, तो यह कर्नाटक पुलिस के लिए एक बड़ा झटका होगा। वहीं, अगर वीडियो फर्जी निकलता है, तो यह सवाल उठेगा कि वरिष्ठ अधिकारियों को बदनाम करने के पीछे कौन और क्यों है।
फिलहाल राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन मामले को बेहद सतर्कता से संभाल रहा है। सभी की निगाहें अब फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह मामला सच है या साजिश।
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