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चेतावनी: असानी साइक्‍लोन से कई राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट, यहां जानें कैसे होता है तूफानों का नामकरण

jantaserishta.com
9 May 2022 6:53 AM GMT
चेतावनी: असानी साइक्‍लोन से कई राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट, यहां जानें कैसे होता है तूफानों का नामकरण
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Cyclone Asani: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'असानी' रफ्तार पकड़ रहा है. चक्रवात को असानी नाम श्रीलंका ने दिया है. श्रीलंका में बोले जाने वाली सिंहली भाषा में असानी या 'क्रोध' सीजन का पहला चक्रवाती तूफान होगा. क्‍या कभी आपने सोचा कि तूफानों को उनके नाम देता कौन है? इनका मतलब क्‍या होता है? नामकरण की शुरुआत कैसे हुई? आइये आपको बताते हैं कौन और कैसे करता है तूफानों का नामकरण.

क्‍यों रखा जाता है चक्रवातों का नाम?
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, किसी विशेष भौगोलिक स्थान या पूरी दुनिया में एक समय में एक से अधिक चक्रवात हो सकते हैं, और यह एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक चल सकते हैं. ऐसे में आपदा जोखिम जागरूकता, प्रबंधन और बचाव कार्यों को सुविधाजनक बनाने में किसी भ्रम से बचने के लिए हर तूफान को अलग नाम दिया जाता है.
कैसे दिया जाता है नाम?
शुरुआत में तूफानों को मनमाने तरीके से नाम दिया जाता था. बाद में, मौसम विज्ञानियों ने अधिक संगठित और कुशल प्रणाली के तहत तूफानों को एक लिस्‍ट से नाम देने का निर्णय लिया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) छह क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्रों (RSMCs) में से एक है, जिसे किसी चक्रवात का नाम देने का काम सौंपा गया है. जब उत्तरी हिंद महासागर के ऊपर हवा की गति 62 किमी प्रति घंटे की अधिकतम सीमा से तेज हो जाती है, तब इसे तूफान/चक्रवात/ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है.
क्‍या है नाम देने के नियम?
वर्णानुक्रम के अनुसार, व्यवस्थित देशों द्वारा दिए गए नामों की लिस्‍ट तैयार की जाती है. यह लिंग, राजनीति, धार्मिक विश्वासों और संस्कृतियों से तटस्थ होते हैं. एक बार किसी नाम का प्रयोग हो जाने के बाद उसे दोबारा नहीं दोहराया जाता. चक्रवात के नाम में अधिकतम आठ अक्षर हो सकते हैं. कोई भी नाम किसी भी सदस्य देश के लिए अपमानजनक नहीं होना चाहिए या जनसंख्या के किसी भी समूह की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए.
लिस्‍ट में इतने नाम हैं शामिल
2020 में जारी सबसे हालिया लिस्‍ट में 169 नाम शामिल हैं. इसमें 13 देशों के 13 नाम हैं. इससे पहले आठ देशों ने 64 नाम दिए थे. भारत के जिन नामों का इस्तेमाल किया गया है उनमें गति, मेघ, आकाश शामिल हैं. अन्य पदनाम जो पहले इस्तेमाल किए गए हैं उनमें बांग्लादेश से ओगनी, हेलेन और फानी शामिल हैं; और पाकिस्तान से लैला, नरगिस और बुलबुल.
क्‍या होगा अगले चक्रवात का नाम?
असानी के बाद बनने वाले चक्रवात को सितारंग कहा जाएगा, जो थाईलैंड द्वारा दिया गया नाम है. बता दें कि चक्रवातों की तीव्रता अलग-अलग होती है जिसका उसके नाम से कोई लेना देना नहीं होता. उदाहरण के लिए, चक्रवात गुलाब ने सितंबर 2021 में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण तटीय ओडिशा पर भारी बारिश के साथ-साथ भारी बारिश की बौछार की थी. वहीं, मई 2020 में आए चक्रवात अम्फान ने 80 लोगों की जान ले ली और ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तबाही मचा दी थी.

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