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रोम। इटली में बढ़ती महंगाई, रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों और सार्वजनिक सेवाओं की खराब स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। मिलान सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। दुकानों में लूटपाट और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।
मिलान में 271 हिरासत में, 32 गिरफ्तार
रविवार को मिलान में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 271 युवाओं को हिरासत में लिया, जिनमें से 32 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 28 लोगों के खिलाफ न्यायिक अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। मिलान के मुख्य इलाकों में सैकड़ों नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने कूड़ेदानों में आग लगा दी और दुकानों में तोड़फोड़ तथा लूटपाट की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
इटली में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय मिशन ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एडवाइजरी में प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
फ्रांस में भी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन
इटली में लगातार दूसरे दिन हिंसक प्रदर्शन हुए। इससे पहले शनिवार को मिलान, बोलोन्या, ब्रेसिया, बर्गामो और ट्यूरिन में विरोध प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की हिंसा के सिलसिले में 28 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। वहीं, पड़ोसी देश फ्रांस में भी महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं। यूरोप के कई देशों में बढ़ती जीवनयापन लागत को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
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