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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भरमौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार पंचायतों के ग्रामीणों ने जेएसडब्ल्यू (JSW) हाइड्रो परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने रोजगार की मांग को लेकर उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है।
जमीन अधिग्रहण के बाद भी नहीं मिला रोजगार
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जलविद्युत परियोजना के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उस समय प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय बाद भी रोजगार संबंधी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते प्रभावित चार पंचायतों के लोगों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है।
डीसी कार्यालय के बाहर शुरू किया अनिश्चितकालीन अनशन
रोजगार की मांग को लेकर ग्रामीण चंबा स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का इरादा है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना प्रभावित परिवारों को रोजगार देना जरूरी है, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।
प्रशासन से मांगों पर कार्रवाई की अपील
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और संबंधित परियोजना प्रबंधन से रोजगार संबंधी आश्वासनों को पूरा करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ स्थानीय लोगों के हितों और उनकी आजीविका का संरक्षण भी आवश्यक है। फिलहाल परियोजना प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे हुए हैं।
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