
New Delhi नई दिल्ली: भारत सरकार परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में विदेशी कंपनियों को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी लेने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। यह कदम सरकार के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस संबंध में सरकार 2023 से विदेशी निवेश नीति में बदलाव पर विचार कर रही है, ताकि कोयले की बजाय स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाया जा सके।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो साथ ही परमाणु क्षति कानून और परमाणु ऊर्जा अधिनियम में भी संशोधन किए जाएंगे। इससे सरकार निजी कंपनियों को परमाणु संयंत्र स्थापित करने, संचालित करने और परमाणु ईंधन उत्पादन की अनुमति दे सकेगी। हालांकि, विदेशी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अभी भी आवश्यक होगी।
इस कदम से भारत के परमाणु ऊर्जा क्षमता को 2047 तक 12 गुना बढ़ाकर 100 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता वर्तमान में 8 गीगावाट के आसपास है, जो कुल ऊर्जा उत्पादन का केवल 2 प्रतिशत है।





