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तेलंगाना के लिए नितिन गडकरी से वेंकट रेड्डी की मांग

SHIDDHANT
5 Oct 2026 9:42 PM IST
तेलंगाना के लिए नितिन गडकरी से वेंकट रेड्डी की मांग
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हैदराबाद। तेलंगाना के सड़क और भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के लिए अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का आग्रह किया। तेलंगाना के मंत्री ने नितिन गडकरी से उन प्रोजेक्ट्स के लिए समर्थन मांगा, जिनका मकसद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, हैदराबाद में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना, राज्य के पर्यटन स्थलों तक परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तेजी देना है।
गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'चिंतन शिविर-2026' के उद्घाटन के बाद वेंकट रेड्डी ने गडकरी के साथ बैठक की। तेलंगाना के मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने तेलंगाना के लिए अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, केंद्र से लंबित मंजूरी, फंड की मंजूरी और नेशनल हाईवे के विकास पर विस्तार से चर्चा की।
हैदराबाद के पूर्वी हिस्से में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए राज्य के मंत्री ने एलबी नगर से हयात नगर तक लगभग 6 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा। यह भी बताया गया कि केंद्र ने एनएच-65 के एलबी नगर-मलकापुर सेक्शन को सर्विस रोड समेत छह-लेन (6 प्लस 2) हाईवे में बदलने के लिए 545 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही दे दी है।
तेलंगाना सरकार ने दूसरे चरण में मियापुर-एलबी नगर मेट्रो रेल कॉरिडोर को हयात नगर तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसे देखते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ तालमेल बिठाते हुए 2026-27 की सालाना योजना में डबल-डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर को शामिल करने और उसे मंजूरी देने का अनुरोध किया गया।
मंत्री वेंकट रेड्डी ने तेलंगाना में पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 'पर्वतमाला योजना' के तहत लगभग 1,230 करोड़ रुपए की लागत वाले पांच रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इन पहलों से न केवल श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विकास में भी मदद मिलेगी। मंत्री ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए 'सेतु बंधन' स्कीम के तहत तीन अहम आरओबी/आरयूबी प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी मांगी।
वेंकट रेड्डी ने नितिन गडकरी से हैदराबाद-विजयवाड़ा-मछलीपट्टनम एनएच-65 (जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों को जोड़ता है) को छह लेन (6 प्लस 2) वाले हाईवे में बदलने के प्रोजेक्ट में तेजी लाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस हाईवे पर ट्रैफिक का वॉल्यूम अभी 1.20 लाख पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट्स) से ज्यादा हो गया है और कई खतरनाक जोन और एक्सीडेंट ब्लैकस्पॉट होने की बात भी कही। उन्होंने बढ़ते ट्रैफिक की जरूरतों को पूरा करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सड़क को चौड़ा करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया।
मंत्री ने हैदराबाद-श्रीशैलम एनएच-765 पर, खासकर टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में, एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की मंजूरी मांगी है। जंगल वाले इलाके में सड़क चौड़ी करने से जुड़ी चुनौतियों का समाधान एक एलिवेटेड कॉरिडोर हो सकता है। इससे श्रीशैलम जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक होगी और साथ ही नल्लामाला वन क्षेत्र के पर्यावरण की भी रक्षा होगी।
वेंकट रेड्डी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआईएफ) योजना के तहत तेलंगाना राज्य में 33 सड़क विकास परियोजनाओं के लिए फंड मंजूर करने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि कुल 511.68 किलोमीटर लंबाई वाले इन कामों की अनुमानित लागत 1,227.75 करोड़ रुपए है। इस बात पर जोर देते हुए कि ये परियोजनाएं जो सांसदों और विधायकों द्वारा प्रस्तावित हैं-पूरे राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 2026-27 की सीआरआईएफ योजना के तहत इनकी समीक्षा करने और मंजूरी देने का आग्रह किया।
तेलंगाना के मंत्री ने हैदराबाद रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) के उत्तरी हिस्से के लिए जल्द से जल्द वित्तीय और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आरआरआर के उत्तरी हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण की लागत का 50 प्रतिशत उठाने को तैयार है। यह हिस्सा संगारेड्डी-नरसापुर-टूप्रान-गजवेल-जगदेवपुर-भोंगिर-चौटुप्पल रूट पर 161.518 किलोमीटर की दूरी में बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत से ज्यादा जमीन के लिए मंजूरी मिल चुकी है और एनएचएआई ने टेंडर भी मंगा लिए हैं, इसलिए उन्होंने तुरंत वित्तीय और कैबिनेट मंजूरी देने का आग्रह किया।
केंद्र से यह भी अनुरोध किया गया कि ट्रिपल आर के दक्षिणी हिस्से का काम भी उत्तरी हिस्से की तरह ही किया जाए, ताकि हैदराबाद के चारों ओर पूरा रिंग बन सके। यह बताया गया कि दक्षिणी ट्रिपल आर भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे 'भारत फ्यूचर सिटी,' इंडस्ट्रियल पार्क और रेडियल सड़कों को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मंत्री ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रक्रिया में तेजी लाने और हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मांग की। इस प्रोजेक्ट का मकसद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों के बीच भविष्य की कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे को तेलंगाना के ड्राई पोर्ट से जोड़ने से माल ढुलाई आसान हो जाएगी और आर्थिक गतिविधियों व औद्योगिक विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बंदर पोर्ट तक एक स्पर कनेक्शन बनाने की संभावना पर भी जोर दिया।
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