
x
Delhi दिल्ली: अगर किसी वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC नहीं बना है या उसकी वैधता खत्म हो चुकी है, तो 1 अक्टूबर से ईंधन भरवाने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। पेट्रोल पंप और CNG स्टेशनों पर कर्मचारियों के मोबाइल में विशेष एप लगाया जा रहा है। वाहन की नंबर प्लेट की तस्वीर लेते ही एप यह जानकारी देगा कि उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध है या नहीं। प्रमाणपत्र अमान्य होने पर पेट्रोल, डीजल या CNG देने से मना किया जाएगा।
बिना PUCC वाहन को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT के निर्देशों का पालन कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था तैयार की है। इसका उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाले वायु प्रदूषण पर रोक लगाना है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि 1 अक्टूबर से इस व्यवस्था को जिले में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
नंबर प्लेट की फोटो से होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत जिले के ईंधन वितरण केंद्रों और CNG स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के मोबाइल में एक विशेष एप इंस्टॉल कराया जा रहा है। जब कोई वाहन ईंधन भरवाने पहुंचेगा तो कर्मचारी उसकी नंबर प्लेट की तस्वीर एप के जरिए लेंगे। तस्वीर लेते ही एप केंद्रीय डेटाबेस से वाहन की जानकारी हासिल करेगा और यह बता देगा कि उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध है या नहीं। अगर प्रमाणपत्र की अवधि खत्म हो चुकी है या वह वैध नहीं है, तो कर्मचारी वाहन में किसी भी तरह का ईंधन नहीं भरेंगे।
25 हजार से ज्यादा वाहनों के पास वैध प्रमाणपत्र नहीं
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में फिलहाल 25 हजार से ज्यादा ऐसे वाहन हैं, जो बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के सड़कों पर चल रहे हैं। इन वाहनों से निकलने वाले धुएं को वातावरण के लिए प्रदूषण का कारण बताया गया है। साथ ही, इससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा होने की बात कही गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नियमों को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर तैयारियां देखीं
व्यवस्था को लागू करने से पहले जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने खुद अलग-अलग ईंधन केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात कर्मचारियों के मोबाइल में विशेष एप इंस्टॉल कराया और उन्हें एप के इस्तेमाल की जानकारी दी। इसका मकसद 1 अक्टूबर से व्यवस्था शुरू होने के बाद ईंधन केंद्रों पर जांच की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करना है।
अंतिम तारीख का इंतजार न करने की अपील
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। उन्होंने कहा कि वाहन का प्रदूषण परीक्षण पहले ही करा लेना चाहिए, ताकि 1 अक्टूबर के बाद ईंधन भरवाते समय किसी तरह की परेशानी न हो। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पेट्रोल, डीजल और CNG लेने से पहले वाहन के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की जांच की जाएगी।
Next Story





