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बाढ़ के बीच रातभर डटी रहीं वैशाली DM वर्षा सिंह, खटिया पर बैठकर कराती रहीं बांध की मरम्मत

SHIDDHANT
3 Oct 2026 9:07 PM IST
बाढ़ के बीच रातभर डटी रहीं वैशाली DM वर्षा सिंह, खटिया पर बैठकर कराती रहीं बांध की मरम्मत
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वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी एवं आईएएस अधिकारी वर्षा सिंह रात में ही मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देकर लौटने के बजाय पूरी रात घटनास्थल पर रहकर मरम्मत और बचाव कार्य की निगरानी की। इस दौरान खटिया पर बैठकर काम की निगरानी करते उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।
जानकारी के अनुसार, गंडक नदी में पानी बढ़ने के कारण रिंग बांध के कई हिस्सों में रिसाव और कटाव शुरू हो गया था। इससे आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही डीएम वर्षा सिंह मौके पर पहुंचीं और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ हालात का जायजा लिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बांध की मरम्मत और उसे मजबूत करने का काम शुरू कराया गया। डीएम ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी की। देर रात तक काम चलता रहा और वर्षा सिंह भी वहां से नहीं हटीं। ग्रामीण इलाके में उपलब्ध खटिया पर बैठकर उन्होंने मरम्मत कार्य की प्रगति देखी और अधिकारियों से लगातार जानकारी लेती रहीं।
आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी संबंधित विभागों को निर्देश देकर निगरानी की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। लेकिन वर्षा सिंह ने स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर काम की निगरानी करने का फैसला किया। उनका उद्देश्य रिंग बांध के कमजोर हिस्सों को जल्द से जल्द सुरक्षित कर आसपास की आबादी के लिए संभावित खतरे को कम करना था।
बांध में रिसाव या कटाव बढ़ने की स्थिति में आसपास के इलाकों में पानी प्रवेश करने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने समय रहते मरम्मत का काम शुरू कराया। मौके पर मौजूद टीम ने बांध के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने और पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को रोकने का प्रयास किया।
डीएम वर्षा सिंह की रातभर मौजूदगी के कारण प्रशासनिक अमला भी लगातार काम में जुटा रहा। उनकी खटिया पर बैठकर मरम्मत कार्य की निगरानी करने की तस्वीर सामने आने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा हो रही है। फिलहाल प्रशासन गंडक नदी के जलस्तर और बांध की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर में और वृद्धि होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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