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उत्तराखंड के कई शहरों में भी विरोध
उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक कथित बयान को लेकर उत्तराखंड मूल के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। उत्तराखंड के नागरिकों को कथित तौर पर 'घुसपैठिया' बताए जाने के विरोध में गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-2 चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए बयान की कड़ी निंदा की।
वैशाली सेक्टर-2 चौराहे पर विरोध प्रदर्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड मूल के लोग वैशाली सेक्टर-2 चौराहे पर एकत्र हुए और समाजवादी पार्टी प्रमुख के कथित बयान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'अखिलेश यादव मुर्दाबाद' के नारे लगाए और पुतला जलाकर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि उत्तराखंड के नागरिकों के सम्मान से जुड़ा कोई भी अपमानजनक बयान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उत्तराखंड के सम्मान से जोड़ा मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सैनिकों, पूर्व सैनिकों, राज्य आंदोलनकारियों और देशसेवा में योगदान देने वाले नागरिकों से जुड़ी है। उनका आरोप है कि सपा प्रमुख की टिप्पणी से उत्तराखंड मूल के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक बयान देते समय क्षेत्रीय पहचान और नागरिकों के सम्मान का ध्यान रखने की अपील की।
उत्तराखंड के कई शहरों में भी विरोध
अखिलेश यादव की टिप्पणी के विरोध में देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश, बागेश्वर और अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन हुए हैं। विभिन्न संगठनों ने पुतला दहन कर सपा प्रमुख से माफी और स्पष्टीकरण की मांग की है।
योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अखिलेश यादव की टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के दौरान सामने आई थी। विरोध करने वाले संगठनों ने इसे उत्तराखंड के लोगों के सम्मान से जोड़कर देखा है। वैशाली सेक्टर-2 में हुए प्रदर्शन के आयोजकों और पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने उत्तराखंड की क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बहस तेज कर दी है।
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