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उत्तराखंड चुनाव 2027: UKD ने जारी की 16 उम्मीदवारों की पहली सूची

SHIDDHANT
31 Oct 2026 8:11 PM IST
उत्तराखंड चुनाव 2027: UKD ने जारी की 16 उम्मीदवारों की पहली सूची
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UKD ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने उम्मीदवारों की घोषणा करके चुनावी गतिविधियों में तेजी लाने का संकेत दिया है। पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस से पहले 16 विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम सामने रखे हैं। शनिवार को देहरादून में हुई प्रेसवार्ता में UKD के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने पहली सूची जारी की। पार्टी के मुताबिक, उम्मीदवारों का चयन करते समय संगठन में उनके योगदान, जनहित के मुद्दों पर सक्रियता और उत्तराखंड के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को ध्यान में रखा गया है। UKD ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की जाएगी।
16 विधानसभा सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
UKD की पहली सूची में गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र की अलग-अलग विधानसभा सीटों को शामिल किया गया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ युवाओं और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी चुनाव लड़ने का अवसर दिया है।
घोषित उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है:
पिथौरागढ़ से काशी सिंह ऐरी, धारचूला से पुष्पेश त्रिपाठी, देवप्रयाग से पूरन सिंह कठैत, प्रतापनगर से प्रकाश राणा, कर्णप्रयाग से आशीष नेगी, जागेश्वर से दिनेश कुंजवाल, राजपुर से देव चंद उत्तराखंडी, सल्ट से प्रताप सिंह, टिहरी से डीडी पंत, कपकोट से करण चंदोला, काशीपुर से प्रदीप चंद, नानकमत्ता से कैलाश सिंह पांगती, रामनगर से भुवन चंद्र, देहरादून कैंट से राजेंद्र सिंह नेगी, खानपुर से रितु कंडियाल भूयाल और घनसाली से चंदन सिंह राणा।
युवाओं और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने की तैयारी
उम्मीदवारों के चयन को लेकर UKD नेता आशीष नेगी ने बताया कि पहली सूची में चार टिकट युवाओं और युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं, पूर्व सैनिकों से जुड़े संगठन और राज्य आंदोलनकारियों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को भी सूची में जगह दी है। काशी सिंह ऐरी और पुष्पेश त्रिपाठी जैसे पुराने नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है। UKD का कहना है कि चुनाव की तैयारी में अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन और युवाओं की भागीदारी, दोनों को महत्व दिया जा रहा है।
गैरसैंण राजधानी और 1992 के ब्लूप्रिंट का मुद्दा
प्रेसवार्ता के दौरान आशीष नेगी ने उत्तराखंड के विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद भी पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं। उनका कहना था कि कई अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है और महिलाओं को भी अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नेगी ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की जरूरत बताते हुए 1992 के ब्लूप्रिंट का जिक्र किया। उनके अनुसार, इस योजना में 23 जिलों, 150 से 200 ब्लॉक और करीब 104 विधानसभा क्षेत्रों की परिकल्पना की गई थी। इसमें चार कमिश्नरियों का प्रस्ताव भी शामिल था। उनका मानना है कि प्रशासनिक इकाइयां छोटी होने से सरकारी योजनाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग भी दोहराई। उनका तर्क है कि राज्य के पहाड़ी इलाकों की समस्याओं को समझने के लिए शासन का केंद्र भी पहाड़ों में होना चाहिए।
UKD नेता ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों को भी चुनावी मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, पहाड़ों में रहने वाले लोगों को अपने आसपास मौजूद संसाधनों के बावजूद बिजली और पानी के बिल चुकाने पड़ते हैं।
आशीष नेगी ने भ्रष्टाचार, जमीनों के लेन-देन में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के पास उत्तराखंड की करीब डेढ़ से दो लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां अब भी हैं। उनका कहना था कि भाजपा और कांग्रेस ने इस मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं उठाया है। ये आरोप और पार्टी की ओर से रखे गए राजनीतिक मुद्दे हैं।
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