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होर्मुज स्ट्रेट
Delhi दिल्ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोमवार को दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की नाकेबंदी और सख्त कर दी गई है। सेंटकॉम ने अब तक कई व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदलने के साथ-साथ कई जहाजों की जांच की और कई को निष्क्रिय भी किया है। सेंटकॉम की ओर से यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने ईरानी शीर्ष नेतृत्व को दोहरे चरित्र वाला बताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान चाहे कुछ भी दावा करता रहे, लेकिन यह स्पष्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण बना हुआ है और जब तक अमेरिका नहीं चाहेगा, तब तक ईरान के पास कुछ भी नहीं पहुंचेगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, ''अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी को लगातार और सख्ती से लागू कर रही है। तीन अगस्त तक अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 44 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदलवाया है, दो जहाजों को निष्क्रिय किया है, और दो जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच की है। ट्रंप ने सोमवार को पोस्ट जारी कर ईरानी नेतृत्व को 'दोहरे चरित्र वाला' बताया। ट्रंप ने कहा कि वह एक तरफ तो अमेरिका के साथ बातचीत के लिए गिड़गिड़ाते रहते हैं और बैठक तय होते ही खुलेआम कहते फिरते हैं कि कोई बातचीत नहीं हो रही है। यहां तक कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया, "ईरान का नेतृत्व हैरान करने वाली दोहरी बातें करता है। वे बैठक की मांग करते हैं, कुछ लोग तो कहेंगे कि वे इसके लिए 'गिड़गिड़ाते' हैं। बातचीत शुरू होती है और आगे के कई दौर तय होते हैं, लेकिन फिर वे खुलेआम और बड़े गर्व से कहते हैं कि कोई बातचीत ही नहीं हो रही, किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं चल रही, और वे सिर्फ 'ओमान' से बात कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि वे हमेशा की तरह बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका पूरी ताकत से नियंत्रण रहेगा। हकीकत यह है कि उस इलाके पर पहले से ही अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और हमारी 'नाकाबंदी' या जैसा कुछ लोग कहते हैं, 'अमेरिका की स्टील की दीवार' वहां मौजूद है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' से जुड़े दावे को सिरे से खारिज कर दिया। बाघेई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है।"
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