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सांकेतिक तस्वीर (AI)
ऊर्जा जरूरत के हिसाब से खरीद जारी रहेगी
Delhi दिल्ली: अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह छूट पहले समाप्त हो गई थी, लेकिन कई देशों के अनुरोध के बाद इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस बीच भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों और व्यावसायिक परिस्थितियों के आधार पर रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत पहले भी रूस से तेल खरीदता रहा है और आगे भी खरीद जारी रहेगी, चाहे छूट हो या न हो।
उन्होंने कहा कि भारत के तेल आयात निर्णय मुख्य रूप से बाजार की उपलब्धता और व्यावसायिक कारकों पर आधारित होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है और लंबी अवधि के समझौतों के जरिए इसकी व्यवस्था पहले से की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस भारत के लिए प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। रियायती रूसी तेल ने भारत को वैश्विक ऊर्जा कीमतों के दबाव से राहत दी। हालांकि अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन कच्चे तेल को पूरी तरह प्रतिबंध सूची से बाहर रखा गया है। भारत ने भी खरीद में सभी नियमों और प्रतिबंधों का पालन करने पर जोर दिया है।
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