Youtube "x" twitter instagram facebook Google जैसे US कंपनियों पर भारत में हो सकती है बड़ी लगाम!

दिल्ली। भारत के साथ अमरीका के अलावा यूरोपीय देशों के रिश्तों को बिगड़ते देख अब ऐसा लग रहा है कि भारत से बहुत जल्द अमेरिका की कंपनियों को अपना कारोबार कहीं समेटना न पड़ जाए। लगातार इस विषय पर भारत सरकार मंथन कर रही है और कई तरह के प्रतिबंध लगाने की संभावना पर उच्च स्तरीय बैठकें हो रही है। कहीं ऐसा न हो कि भारत सरकार कड़े से कड़ा कड़वा निर्णय अमेरिका के खिलाफ न ले लें। इसका असर यू ट्यूब और गूगल जैसे डिजिटल और इंटरनेट के सबसे बड़े वेब ब्राउज़र पर बेहद होने वाला है। हो सकता भारत सरकार भारत में ट्यूटर इंस्टाग्राम फ़ेसबुक X ट्यूटर और गूगल जैसे अमेरिकी कंपनी की हिस्सेदारी वाली कंपनियों पर कुछ लगाम कसे या पूरी तरीक़े से प्रतिबंधित कर दें। ऐसे भी यूरोपियन और अमेरिकी देशो से आगे निकलने के लिए भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका-भारत के रिश्तों में आई खटास के कारण कुछ भी अजीब और गजब के निर्णय मोदी सरकार ले सकती है। अभी सभी संभावनाएं जल्द बाजी में होने के कारण भारत सरकार क्या निर्णय लेगी कहा नहीं जा सकता। कड़ा फैसला लेने के तरफ भारत सरकार होने पर ही ऐसी संभावना जताई जा रही है।
आने वाले समय पर भारत सरकार द्वारा निर्मित भारत में ही टेक्नोलॉजी को उन्नत क़िस्म की गति देने के लिए अलग अलग ब्राउज़र और अलग अलग सर्वर से इंटरनेट डाटा सेंटर का निर्माण बड़े स्तर में किया जा रहा है इंटरनेट में कार्य करने हेतु सबसे उच्च स्तरीय ब्राउज़र का निर्माण भी भारत ने किया जा रहा है हो सकता है बहुत जल्द अमेरिकी कंपनियों की हालत से छुट्टी हो जाए जिसकी गूगल यूट्यूब ट्विटर जैसे बड़ी कंपनियों को भारी नुक़सान हो सकता है सौ प्रतिशत भारतीय उत्पादन और made in India के निर्माण को देखते हुए अब ऐसा लग रहा है यूरोपियन और अमेरिकन कंपनियों की यहाँ से छुट्टी तय आगे अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन कहानी इसी ओर बढ़ रही है बहुत जल्द हिन्दुस्तान में भारत में निर्मित ब्राउज़र और इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बड़े बड़े सर्वर और प्रणाली कार्य करते हुए दिखेगी। ऐसी भी चर्चा है कि कॉमेट टेक्नोलॉजी पर आधारित अपने सभी प्लेटफार्म को प्रस्तुत कर सकती है।
नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो लगातार AI टेक्नोलॉजी और nano टेक्नोलॉजी सेमी कंडक्टर जैसे हज़ारों कार्यक्रमों पर हज़ारों टेक्नोलॉजी इंजीनियरों को कार्य पर लगाया है इसका असर बहुत जल्द भारत के अलावा पूरी दुनिया देखेगी पूरे भारत में अधिकांश राज्यों में टेक्नोलॉजी हब बनाने हेतु एक परिपाटी शुरू हो गई है अब हर राज्य को आगे बढ़ने के लिए नई नई टेक्नोलॉजी का हब बनाने हेतु अपनी सरकार की तरफ से भारी छूट उद्योगपतियों को प्रदान कर रहा है। जिसका लाभ आने वाले समय भारत को टेक्नोलॉजी में विश्व गुरु के रूप में देखने को मिलेगा।





