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LPG संकट पर लोकसभा में हंगामा, मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष की नारेबाजी

Shantanu Roy
12 March 2026 5:06 PM IST
LPG संकट पर लोकसभा में हंगामा, मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष की नारेबाजी
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New Delhi. नई दिल्ली। एलपीजी आपूर्ति और ईंधन स्थिति को लेकर लोकसभा में गुरुवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की नसीहत दी और कहा कि सदन की कार्यवाही निर्धारित नियमों के अनुसार ही चलेगी।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला आसन पर पहुंचे। जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने कई बार सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सदन की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद सदन में शोर-शराबा जारी रहा। स्पीकर ने कहा कि वह प्रश्नकाल को इतना महत्वपूर्ण मानते हैं कि दो दिन चली चर्चा पर धन्यवाद प्रस्ताव भी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि क्या वे प्रश्नकाल चलने देना चाहते हैं। इस पर विपक्ष की ओर से कहा गया कि वे प्रश्नकाल चलाना चाहते हैं, लेकिन सरकार इसे चलने नहीं दे रही है।
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में कच्चे तेल, डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि एलएनजी कार्गो लगातार आ रहे हैं और विभिन्न वैकल्पिक मार्गों से भी आपूर्ति जारी है। मंत्री ने कहा कि भारत को कनाडा, नॉर्वे और रूस जैसे देशों से भी ईंधन की आपूर्ति मिल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति चैनलों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सीएनजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य है और देश में गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार ने तीन मंत्रियों की एक समिति बनाई है, जो ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि देश में कुछ स्थानों पर गैस की मांग अचानक बढ़ी है, जिसका कारण लोगों में फैली घबराहट है। उन्होंने कहा कि पैनिक की वजह से मांग बढ़ी है, लेकिन सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकताएं तय कर दी हैं और जरूरी क्षेत्रों में सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने मंत्री के भाषण के बीच नारेबाजी की। सदन में ‘देखो-देखो कौन आया’ जैसे नारे लगाए गए, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। शोर-शराबे के बीच मंत्री ने अपना बयान जारी रखा और कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है।
मंत्री ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आवाजाही का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है, लेकिन इसके बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ा है। सरकार वैकल्पिक रास्तों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इस बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी एलपीजी और ईंधन स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात का प्रभाव छोटे व्यापारियों और सड़क किनारे कारोबार करने वालों पर ज्यादा पड़ता है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत को यह तय करने का अधिकार है कि वह किस देश से तेल और गैस खरीदेगा। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी देश को यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को किस तरह पूरा करे। राहुल गांधी के बयान के दौरान सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया। ट्रेजरी बेंच की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी को रोका और कहा कि उन्होंने जो नोटिस दिया है, उसी विषय पर बोलें।
स्पीकर ने कहा कि सदन में बोलने के लिए नियमों का पालन जरूरी है और नोटिस से अलग विषय उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को किसी पर आरोप लगाना है, तो उसे नियम 353 के तहत नोटिस देना होगा। स्पीकर ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता ने एलपीजी की कमी के मुद्दे पर नोटिस दिया था और उन्हें बोलने की अनुमति भी दी गई थी। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक पर चल रही चर्चा को रोककर उन्हें बोलने का मौका दिया गया, लेकिन इसके बावजूद नियमों से हटकर बयान देना उचित नहीं है।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव भी सदन में मौजूद थे। स्पीकर ने उनसे पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष के नेता को अपनी बात पूरी करने दी जाए, उसके बाद वह अपनी बात रखेंगे। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही। सदन में मौजूद कई सदस्यों ने अपील की कि प्रश्नकाल को सुचारु रूप से चलने दिया जाए, क्योंकि यह संसद की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें सांसद अपने क्षेत्र और देश से जुड़े मुद्दे उठाते हैं।
सरकार की ओर से कहा गया कि ईंधन और गैस की आपूर्ति को लेकर स्थिति नियंत्रण में है और देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है। वहीं विपक्ष ने ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय हालात के प्रभाव पर चर्चा की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में कई बार शोर-शराबा और नारेबाजी हुई, जिससे कार्यवाही प्रभावित होती रही।
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