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लाइव टीवी डिबेट के दौरान हंगामा, विधायक के समर्थकों पर गुंडागर्दी का आरोप

Shantanu Roy
1 Nov 2025 8:36 PM IST
लाइव टीवी डिबेट के दौरान हंगामा, विधायक के समर्थकों पर गुंडागर्दी का आरोप
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Darbhanga. दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान मारपीट और हंगामे की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि बहस के बीच स्थानीय विधायक संजय सरावगी के समर्थकों ने विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। डिबेट के दौरान हुई इस गुंडागर्दी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, दरभंगा शहर में एक स्थानीय न्यूज़ चैनल की ओर से आयोजित लाइव डिबेट के दौरान यह बवाल हुआ। डिबेट में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। जैसे ही बहस तीखी होने लगी, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान डिबेट में बैठे कुछ विधायक संजय सरावगी के समर्थक अचानक भड़क गए और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं पर टूट पड़े।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लाइव प्रसारण के बीच ही कुर्सियां पलट दी गईं और एक पक्ष के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी गई। वहां मौजूद चैनल के कर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम विधायक सरावगी के सामने ही हुआ और वे चुपचाप बैठे रहे। घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायक संजय सरावगी ने हार के डर से अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया। वहीं, एक स्थानीय नेता ने कहा, “यह दरभंगा नहीं, अब गुंडाराज बन चुका है। जब विधायक की मौजूदगी में ही गुंडे खुलेआम हमला करेंगे तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी?”

घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और डिबेट स्थल को खाली कराया। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ घायल कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए नजदीकी दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया है कि “अगर लाइव टीवी शो में भी लोकतांत्रिक बहस सुरक्षित नहीं है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की बात है।” वहीं, विधायक संजय सरावगी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि “बहस के दौरान विपक्षी कार्यकर्ता भड़काऊ बयान दे रहे थे। स्थिति अचानक बिगड़ गई, लेकिन मैंने किसी को हिंसा के लिए नहीं कहा।” उन्होंने कहा कि वे खुद भी चाहते हैं कि पुलिस इस घटना की निष्पक्ष जांच करे।
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