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यूपी चुनाव: चाचा-भतीजे के खिलाफ कांग्रेस नहीं लड़ेगी चुनाव

Nilmani Pal
1 Feb 2022 1:04 PM GMT
यूपी चुनाव: चाचा-भतीजे के खिलाफ कांग्रेस नहीं लड़ेगी चुनाव
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को मैनपुरी की करहल सीट पर कांग्रेस ने वॉकओवर देने का फैसला किया है. इतना ही नहीं शिवपाल यादव की जसवंतनगर सीट पर भी कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतार रही है. हालांकि, कांग्रेस ने करहल सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन मंगलवार को नामांकन करने से रोक दिया है. इस तरह से कांग्रेस ने चाचा-भतीजे दोनों को वॉकओवर दे दिया है.

चाचा-भतीजे के खिलाफ कांग्रेस नहीं लड़ेगी चुनाव

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बृज क्षेत्र के प्रभारी रोहित चौधरी ने aajtak.in से बताया कि कांग्रेस ने फैसला किया है कि करहल और जसवंतनगर सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारेंगे. इसीलिए करहल सीट पर पहले से घोषित कांग्रेस प्रत्याशी ज्ञानवती यादव को नामांकन करने से मना कर दिया गया है. वहीं, जसवंतनगर सीट पर कांग्रेस ने किसी को भी प्रत्याशी घोषित नहीं किया था और कांग्रेस ने कहा अब हम उस सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे. करहल और जसंवतनगर दोनों ही सीट पर सपा को कांग्रेस समर्थन करेगी.

कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में ही करहल विधानसभा क्षेत्र से महिला प्रत्याशी ज्ञानवती यादव को टिकट दिया था. सपा ने उस समय तक अखिलेश यादव को यहां से प्रत्याशी नहीं बनाया था. लेकिन, अब अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के निर्णय के बाद कांग्रेस ने तय किया है कि वो उनके खिलाफ कोई भी प्रत्याशी नहीं उतारेगी. ऐसे में मंगलवार को ज्ञानदेवी यादव को फोन करके कांग्रेस ने नामांकन करने से रोक दिया. दरअसल, समाजवादी पार्टी गांधी परिवार के खिलाफ अमेठी और रायबरेली संसदीय सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारती है. सपा यह काम 2009 के लोकसभा चुनाव से कर रही है. ऐसे में कांग्रेस ने भी सपा मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव और आजमगढ़ में अखिलेश यादव के खिलाफ प्रत्याशी नहीं दिया था. इतना ही नहीं कन्नौज सीट पर भी डिंपल यादव के खिलाफ किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया था.

अब विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस हाईकमान ने मुलायम परिवार के खिलाफ प्रत्याशी नहीं देना का फैसला किया है. मैनपुरी की करहल में अखिलेश यादव और इटावा की जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में शिवपाल यादव के खिलाफ कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं होगा. हालांकि, सपा ने अभी तक रायबरेली जिले की सदर सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहली बार करहल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने सोमवार को मैनपुरी पहुंचकर नामांकन दाखिल किया. अखिलेश के सामने बीजेपी ने आगरा से सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को चुनाव मैदान में उतारा है तो बसपा ने कुलदीप को प्रत्याशी बनाया है. बसपा ने सामान्य सीट पर दलित प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में देखा जाना बेहद दिलचस्प होगा कि करहल सीट पर मुकाबला कैसा होता है?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की करहल सीट पर कुलदीप नारायण और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव की जसवंतनगर सीट पर ब्रजेंद्र प्रताप सिंह को उतारा है. बसपा ने दोनों ही सीटों पर दलित प्रत्याशी दिए हैं जबकि इन सीटों से सामान्य और ओबीसी नेता को भी उतारा जा सकता था. इसके बावजूद मायावती ने दलित कार्ड चला है तो बीजेपी ने एसपी बघेल के जरिए घेरने की कवायद की है. बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने करहल में एक सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार दलवीर को मैदान में उतारा था. दलवीर 14.18 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. जसवंतनगर में, बसपा ने तब ओबीसी दुर्वेश कुमार शाक्य को मैदान में उतारा था, जो भी 10.58 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. वहीं, बीजेपी ने दोनों ही सीट पर पिछली बार ओबीसी उतारे थे. बीजेपी ने जसवंतनगर सीट पर यादव और करहल सीट पर शाक्य समुदाय के प्रत्याशी उतारे थे.

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