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हिजाब विवाद पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान

jantaserishta.com
19 Feb 2022 8:23 AM IST
हिजाब विवाद पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान
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नई दिल्ली: कर्नाटक (Karnataka) में पिछले कई दिनों से जारी 'हिजाब विवाद' (Hijab Controversy) के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार से उन लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही जो अदालत के अंतरिम आदेश (Interim Order) का उल्लंघन कर रहे हैं फिर 'चाहे वह केसरी हो या हिजाब' वाले हों. मामला अभी हाई कोर्ट में है. कर्नाटक सरकार ने कल शुक्रवार को कर्नाटक हाई कोर्ट (High Court) के समक्ष सुनवाई के दौरान कहा कि हिजाब इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और इसका इस्तेमाल रोकने पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहीं होता.

हुबली में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'कोर्ट के अंतरिम आदेश का उल्लंघन करने की कोशिश करने वालों को सलाखों के पीछे डाल दो- चाहे वह केसरी हो या हिजाब.' केंद्रीय मंत्री जोशी ने इसी मुद्दे पर आगे कहा कि कुछ लोग गलत इरादे से हिजाब विवाद को खत्म नहीं होने दे रहे हैं. अदालत के आदेश का पालन नहीं करना ये बहुत अधिक है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि कर्नाटक की बसवराज बोम्मई सरकार ने शुरू में लोगों को शांत करने की कोशिश की. अब समय खत्म हो गया है. यदि कोई बाहरी व्यक्ति शिक्षा के बाहर परेशानी पैदा करता हुआ पाया जाता है, तो उसे जेल में डाल दिया जाएगा.
हिजाब विवाद के इतर कर्नाटक विधानसभा के अंदर कांग्रेस के रात भर के धरना पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा, 'विरोध प्रदर्शन करना कांग्रेस के लिए अब एकमात्र काम है.' कांग्रेस कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा के उस टिप्पणी को लेकर इस्तीफे की मांग कर रहे हैं जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को भगवा से बदलने के बारे में टिप्पणी की थी.
धार्मिक चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक से नाराज लेक्चरार का इस्तीफा
दूसरी ओर, कर्नाटक के तुमकुरु जिले के एक निजी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज की अतिथि व्याख्याता ने कथित रूप से हिजाब या अन्य कोई धार्मिक चिन्ह धारण करने से मना किए जाने पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया. एक निजी कॉलेज में पिछले तीन साल से अंग्रेजी भाषा की अतिथि व्याख्याता के रूप में काम कर रहीं चांदनी ने पत्रकारों को बताया कि बिना हिजाब पहने या किसी अन्य धार्मिक चिन्ह का प्रदर्शन किए बगैर कक्षाएं लेने के लिए कहे जाने से उन्हें तकलीफ हुई. हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई.
कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के समक्ष कहा कि हिजाब इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और इसका इस्तेमाल रोकने पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहीं होता. गौरतलब है कि अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है. कर्नाटक के महाधिवक्ता (एजी) प्रभुलिंग नवदगी ने जस्टिस ऋतुराज अवस्थी, जस्टिस जेएम काजी और जस्टिस कृष्ण एम दीक्षित की पीठ से कहा, 'हमने यह रुख अपनाया है कि हिजाब पहनना इस्लाम का आवश्यक धार्मिक अंग नहीं है.'
संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहींः कर्नाटक
कुछ मुस्लिम लड़कियों ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक सरकार द्वारा हिजाब या भगवा स्कार्फ पहनने पर रोक लगाने के पांच फरवरी के आदेश से संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन होता है. महाधिवक्ता ने इस आरोप का भी खंडन किया. अनुच्छेद 25 भारत के नागरिकों को अंतःकरण की और धर्म की अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है.
नवदगी ने दलील दी कि सरकार के आदेश से संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) का उल्लंघन नहीं होता. यह अनुच्छेद भारतीय नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है. महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का पांच फरवरी का आदेश कानून सम्मत है और उसमें आपत्ति करने जैसी कोई चीज नहीं है.
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