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जांच में जुटी पुलिस
Prayagraj. प्रयागराज। प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के गंगानगर जोन अंतर्गत हंडिया थाना क्षेत्र के सैदाबाद इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां घर के शौचालय के सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए चाचा-भतीजे की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना निमहरा माता मंदिर के बगल में बने शौचालय की है, जिसने पूरे इलाके में शोक और चिंता की लहर फैला दी। जानकारी के मुताबिक, 48 वर्षीय धर्मराज यादव और उनके 16 वर्षीय भतीजे विनय यादव अपने घर में बने शौचालय के सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे थे। उनके साथ 19 वर्षीय सुनील चौहान भी मौजूद था। सफाई के दौरान अचानक धर्मराज का पैर फिसल गया और वे टैंक में गिर पड़े। उन्हें बचाने की कोशिश में विनय भी अंदर चला गया। टैंक में जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए।
दूसरे साथी सुनील चौहान ने तुरंत पास के लोगों को घटना की जानकारी दी। परिजन और स्थानीय लोगों ने दोनों को तुरंत बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए सैदाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। वहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया।
एसआरएन अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा था, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से धर्मराज और विनय दोनों ने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। एसीपी हंडिया ने बताया कि मृतक दोनों अपने ही घर में बने शौचालय के टैंक की सफाई कर रहे थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। परिजन और स्थानीय लोग हादसे की वजह से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में बने सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरणों और सतर्कता का अभाव हादसों का मुख्य कारण बनता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सेप्टिक टैंक और संकरी जगहों में जहरीली गैस जमा होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इन गैसों में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी गैसें शामिल होती हैं, जो सांस लेने में कठिनाई पैदा करती हैं और चेतना पर असर डाल सकती हैं। ऐसे कार्यों के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना, जैसे मास्क और हवादार व्यवस्था, बेहद जरूरी है। प्रशासन ने भी इस घटना के बाद चेतावनी जारी की है और लोगों से घर के सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय सावधानी बरतने का आग्रह किया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से लोगों को जागरूक करें और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
हादसे से क्षेत्र में सुरक्षा और सावधानी पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते उचित सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। परिजन भी चाहते हैं कि प्रशासन इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। इस दुखद घटना ने यह साफ कर दिया है कि घर के सामान्य कार्य भी अगर सावधानी के साथ नहीं किए जाएं तो जानलेवा साबित हो सकते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले में गहन जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की योजना बना रहे हैं।
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