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Ranchi रांची। केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale ने शिवसेना (उद्धव गुट) और उसके नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी की है। रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे पार्टी को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्रिय नहीं रहे हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उनसे दूरी बना रहे हैं। अठावले ने कहा कि उद्धव ठाकरे के कई सांसद और नेता किसी के दबाव में नहीं गए, बल्कि उन्होंने स्वयं पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उनके अनुसार, नेताओं को यह महसूस हुआ कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उद्धव ठाकरे सही नेतृत्व प्रदान नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि उद्धव ठाकरे के छह सांसदों को कोई लेकर नहीं गया, बल्कि वे खुद वहां से चले गए। किसी भी राजनीतिक दल के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है कि उसके नेता लगातार पार्टी छोड़ते रहें। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि Bal Thackeray ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी कांग्रेस का समर्थन नहीं किया था, लेकिन उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। अठावले ने इसे बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा के विपरीत बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन ने शिवसेना के पारंपरिक समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की, जिसका असर पार्टी के संगठन पर पड़ा। अठावले का कहना है कि इसी कारण कई नेता और जनप्रतिनिधि पार्टी से अलग हो गए। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के भीतर हुए विभाजन और नेतृत्व को लेकर बहस लगातार जारी है। अठावले के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज होने की संभावना है।
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