
x
Delhi दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
NIA के मुताबिक, दोनों आरोपी इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके मुख्य आरोपी आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं। एजेंसी का आरोप है कि दोनों आरोपी सहारनपुर के सिविल लाइंस स्थित PNB करेंसी चेस्ट के जरिए नकली नोटों को बाजार में पहुंचाने की कथित साजिश में शामिल थे।
NIA ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और एजेंसी नकली करेंसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई कहां से हुई और इसे बैंक करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।
29 अगस्त को सामने आया था मामला
यह मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया था। सहारनपुर के थाना सदर बाजार पुलिस को मिली सूचना के बाद PNB करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद होने की जानकारी मिली थी। शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी। इसके बाद बैंक प्रशासन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी। इस मामले में शुरुआत में सहारनपुर के थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज की गई थी। 29 अगस्त को दर्ज एफआईआर में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई।
NIA ने अपने हाथ में ली जांच
NIA ने 3 सितंबर 2026 को इस मामले को दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की। एजेंसी ने जांच के दौरान संदिग्धों से पूछताछ की और मामले से जुड़े सबूत जुटाए।
जांच के क्रम में NIA ने सबसे पहले 7 सितंबर को अमित कुमार को गिरफ्तार किया। इसके बाद 15 सितंबर को आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। अब मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है।
नकली करेंसी नेटवर्क की तलाश
NIA के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों और संदिग्धों की पहचान के लिए जांच जारी है। एजेंसी का फोकस पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है, ताकि नकली नोटों की सप्लाई और वितरण से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।
जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका किस स्तर तक थी और नकली करेंसी को बैंक प्रणाली तक पहुंचाने में किस तरह की योजना बनाई गई थी।
फिलहाल NIA ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Next Story





