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मंत्री के काफिले में एक ही नंबर की दो लग्जरी गाड़ियां, ठेकेदार ने लगाई आग, जानें क्या है पूरा माजरा

jantaserishta.com
29 April 2022 1:44 PM GMT
Two luxury vehicles of the same number in the ministers convoy, the contractor set fire, know what is the whole matter
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राजस्थान के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री रमेश चंद मीणा के भीलवाड़ा दौरे के समय उनके काफिले में एक ही नंबर की दो लग्जरी गाड़ियां शामिल हुईं. इस फर्जीवाड़े की परतें खुलीं तो पुलिस से बचने के लिए कार को ही आग लगा दी गई. कार में आग लगाने में ठेकेदार खुद भी झुलस गया. भीलवाड़ा पुलिस ने जली हुई कार और फेंकी गई फर्जी नंबर प्लेट बरामद करने के साथ कार के ड्राइवर को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है. इस लग्जरी कार के कागजात पूरे नहीं थे और विवाद के कारण फर्जी नंबर प्लेट लगा ली थी.

जानकारी के अनुसार, प्रताप नगर थाना अधिकारी राजेंद्र गोदारा ने कहा कि 22 अप्रैल को पंचायत राज मंत्री के काफिले में एक ही नंबर की दो कारें शामिल थीं. इसकी जानकारी होने पर कार के ड्राइवर दौसा जिले के मिर्जापुर के डाल मीणा को नामजद आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने बताया कि कार की फर्जी नंबर प्लेट भीलवाड़ा के मीरा नगर के पास फेंक दी है. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नंबर प्लेट बरामद कर ली.
सरकारी कार्यालय में गाड़ी सप्लाई करने वाले ठेकेदार का कारनामा
गिरफ्तार ड्राइवर से पूछताछ में सामने आया कि सरकारी कार्यालय में गाड़ी सप्लाई का ठेका राजस्थान टूर एंड ट्रेवल्स के ठेकेदार समय सिंह के पास है. भीलवाड़ा पुलिस जब ठेकेदार समय सिंह के घर पहुंची तो वह झुलसी अवस्था में घर पर उपचार करवा रहा था. उसने फर्जीवाड़ा के सबूत नष्ट करने के लिए 23 अप्रैल को ही गाड़ी को आग लगा दी थी. आग लगाने में ठेकेदार समय सिंह झुलस गया.
जली हुई कार बरामद कर भीलवाड़ा ले आई पुलिस
प्रताप नगर थाना अधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि Police जली हुई कार बरामद कर भीलवाड़ा ले आई है. जिस इनोवा कार को फर्जीवाड़े से मंत्री के काफिले में शामिल किया गया था, वह किसी महिला के नाम रजिस्टर्ड है. महिला के पति का निधन हो गया है. उसके ससुराल वालों से उसका विवाद चल रहा है. वह गाड़ी के कागजात अपने साथ पीहर ले गई. इस कार की न तो कोई आरसी है और न ही इसका टैक्सी परमिट नवीनीकरण कराया गया है. इसलिए ठेकेदार अपने अधीन चलने वाली दूसरी गाड़ी की नंबर प्लेट लगाकर इस गाड़ी का उपयोग करने लगा था, लेकिन ठेकेदार को पता नहीं था कि जो नंबर प्लेट लगाकर वह भेज रहा है, उस नंबर की असली गाड़ी भी मंत्री के काफिले में शामिल होगी और उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा जाएगा.
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