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भारत-ईयू व्यापार वार्ता
Delhi दिल्ली: यूरोपीय संघ (EU) के प्रतिनिधि भारत में दो दिवसीय व्यापार और निवेश वार्ता के लिए पहुंचे हैं। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल के साथ भारत-ईयू के बीच व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की जा रही है। ईयू प्रतिनिधि ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं, और यह स्वाभाविक है क्योंकि दोनों ही साझेदार बड़े और स्थिर बाजारों के रूप में आपस में जुड़ रहे हैं। प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने अब तक केवल संभावनाओं को छुआ है और एक व्यापक और वाणिज्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर काम करने की आवश्यकता है।
बैठक में निवेश, बाजार पहुँच, सेवा क्षेत्र, टेक्नोलॉजी और विनिर्माण सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संक्रमण, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। पियूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA का उद्देश्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निवेशकों के लिए आसान नीतियां, व्यापारिक बाधाओं का न्यूनिकरण और पारदर्शिता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दो दिवसीय व्यापार वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने में अहम साबित होगी। भारत और ईयू दोनों ही वैश्विक व्यापार, निवेश और तकनीकी नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और FTA से व्यापारिक संभावनाओं में वृद्धि होगी।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्लस्टर आधारित निवेश रणनीतियों, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं, और व्यापार बाधाओं को कम करने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा, निर्यात और आयात प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नई नीतियों पर भी विचार किया गया। ईयू प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के साथ FTA से यूरोपीय कंपनियों के लिए बाजार में पहुँच बढ़ेगी, जबकि भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी। दोनों पक्षों ने निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए अगली बैठकों का भी शेड्यूल तय किया।
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