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पुंछ में लैंडमाइन डिफ्यूज करते समय विस्फोट, सेना के दो जवान घायल
Shantanu Roy
5 Oct 2026 2:15 PM IST

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छग
Jammu and Kashmir. जम्मू-कश्मीर। पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास लैंडमाइन को निष्क्रिय करने की कोशिश के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। हादसा मेंढर सेक्टर के कांगा गली इलाके में हुआ, जहां सेना के दो जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तत्काल उपचार के लिए आर्मी अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, सेना की एक पेट्रोलिंग पार्टी को अग्रिम इलाके में एक लैंडमाइन दिखाई दी थी। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। बम डिस्पोजल टीम लैंडमाइन को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया में जुटी हुई थी, तभी अचानक उसमें विस्फोट हो गया। विस्फोट की चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि LoC के अग्रिम इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए एंटी-इन्फिल्ट्रेशन ऑब्स्टेकल सिस्टम के तहत कई स्थानों पर लैंडमाइन बिछाई गई हैं। इनका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की कोशिशों को रोकना है। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम और बारिश के कारण कई बार जमीन में बिछाई गई लैंडमाइन अपनी मूल जगह से खिसक सकती हैं। बारिश का पानी मिट्टी के साथ इन्हें कुछ दूरी तक बहा सकता है। ऐसे में जो लैंडमाइन पहले किसी सुरक्षित या तय स्थान पर लगी होती हैं, उनके स्थान बदल जाने से सुरक्षा बलों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से किसी संदिग्ध विस्फोटक के मिलने पर उसे बेहद सावधानी के साथ निष्क्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इसी बीच पुंछ जिले के नालवा देगवार तेरवां इलाके से भी एक जिंदा विस्फोटक बरामद किया गया। बताया गया कि सड़क निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों की नजर इस संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। अधिकारियों के अनुसार, देखने में यह विस्फोटक हैंड ग्रेनेड जैसा प्रतीत हो रहा था। सूचना मिलने के बाद सेना की बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। टीम ने पूरे इलाके को सुरक्षित करते हुए संदिग्ध विस्फोटक की जांच की। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
एक ही जिले में लैंडमाइन विस्फोट और जिंदा विस्फोटक मिलने की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। LoC के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में जमीन के भीतर मौजूद पुराने या स्थान बदल चुके विस्फोटकों से खतरा बना रहता है। सेना के जवान लगातार अग्रिम इलाकों में पेट्रोलिंग करते हैं और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान होने पर विशेषज्ञ टीमों की मदद से उन्हें निष्क्रिय किया जाता है। कांगा गली में हुई घटना में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन डिफ्यूज करने के दौरान लैंडमाइन में अचानक विस्फोट हो गया। फिलहाल घायल दोनों जवानों को उपचार के लिए आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, नालवा देगवार तेरवां से बरामद जिंदा विस्फोटक को बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने नष्ट कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को लेकर आवश्यक जांच और निगरानी कर रही हैं।
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