भारत
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने नेतन्याहू का किया स्वागत, दोहा हमले को लेकर अमेरिका-इजरायल कूटनीति में तनाव
Shantanu Roy
29 Sept 2025 11:13 PM IST

x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गर्मजोशी से स्वागत किया। जनवरी में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह नेतन्याहू का चौथा अमेरिका दौरा है। व्हाइट हाउस पहुंचे नेतन्याहू का राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। ट्रंप ने नेतन्याहू को कहा, "आप शानदार लग रहे हैं," जिस पर नेतन्याहू ने जवाब दिया, "आप भी।" इसके बाद दोनों नेताओं ने कैमरों की ओर मुड़कर थम्स अप का इशारा किया।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस से कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी को फोन किया और दोहा में हाल ही में हुए इजरायली हवाई हमलों के लिए माफी मांगी। इस महीने की शुरुआत में दोहा में हमास के सीनियर लीडर्स को निशाना बनाकर इजरायल ने हवाई हमले किए थे। इस हमले में हमास सीनियर लीडर खलील अल-हय्या के बेटे और उनके सहयोगी जिहाद लबाद समेत पांच लोग मारे गए।
यह घटना अमेरिका-इजरायल संबंधों में तनाव का कारण बनी। दोहा हमले के बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन किया था और दोनों नेताओं के बीच तीखी बातचीत हुई थी। ट्रंप ने नेतन्याहू को फटकार लगाई थी और दोहा हमले को 'बुद्धिमानी भरा कदम' नहीं बताया था। उन्होंने इस कार्रवाई पर अपनी निराशा व्यक्त की थी कि यह क्षेत्रीय कूटनीति को अस्थिर कर सकती है।
नेतन्याहू ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि उनके पास कार्रवाई करने के लिए बहुत कम समय था। गाजा युद्धविराम वार्ता में मिस्र और कतर प्रमुख मध्यस्थ हैं। कतर ने इस हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि हमलों में जानबूझकर दोहा में उन आवासीय भवनों को निशाना बनाया गया जहां हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य रहते थे।
हमास ने दोहा हमले के लिए इजरायल और अमेरिका दोनों को जिम्मेदार ठहराया और वाशिंगटन पर संयुक्त रूप से आरोप लगाया। इसके बाद नेतन्याहू ने कतर को चेतावनी दी कि वह हमास के सीनियर लीडर्स को अपने यहां पनाह न दें और उन्हें देश से बाहर निकाले या न्याय के कठघरे में लाएं। इजरायली पीएम ने कहा था, "अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो हम करेंगे।" कतर ने इस टिप्पणी को 'गैरजिम्मेदाराना' बताया।
व्हाइट हाउस में स्वागत समारोह और गले मिलकर तस्वीरें खिंचवाने के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया को संबोधित किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बीच सहयोग मजबूत और स्थायी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की साझेदारी मध्यपूर्व में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
हालांकि, दोहा हमले को लेकर जारी कूटनीतिक तनाव के कारण अमेरिका और इजरायल की संयुक्त नीति पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना से पता चलता है कि नेतन्याहू के एकतरफा कदम कभी-कभी अमेरिका की मध्यपूर्व नीति और क्षेत्रीय संतुलन को चुनौती दे सकते हैं।
नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय सहयोग पर भी बातचीत की। दोनों ने गाजा और लेबनान सीमाओं पर हालात को लेकर चर्चा की और दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू का यह दौरा अमेरिका-इजरायल संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ कूटनीतिक तनाव को कम करने की कोशिश भी है। दोहा हमले के बाद की गई माफी और शांति प्रयास, क्षेत्रीय संकट को बढ़ने से रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा केवल प्रतीकात्मक स्वागत नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और मध्यपूर्व में शांति स्थापना के लिए अहम संकेत भी देता है। ट्रंप और नेतन्याहू दोनों की बातचीत से क्षेत्रीय राजनीति में स्थिरता लाने की कोशिश की जा रही है।
Next Story





