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ट्रंप-पुतिन की 60 मिनट की हाई-लेवल बातचीत...

SHIDDHANT
8 Sept 2026 11:38 PM IST
ट्रंप-पुतिन की 60 मिनट की हाई-लेवल बातचीत...
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रूस ने यूरोप को लेकर दिया बड़ा भरोसा
Delhi दिल्ली। रूस और अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बीच मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को भरोसा दिलाया कि रूस का यूरोप के खिलाफ कोई आक्रामक इरादा नहीं है। रूसी राष्ट्रपति के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक, बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इसमें सबसे प्रमुख मुद्दा यूक्रेन युद्ध रहा। उन्होंने बताया कि वार्ता का बड़ा हिस्सा यूक्रेन में जारी संघर्ष को खत्म करने के अमेरिकी प्रयासों पर केंद्रित रहा।
उशाकोव ने कहा कि पुतिन ने यूरोपीय देशों की ओर से रूस पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को “मनगढ़ंत बातें” बताया और कहा कि रूस के खिलाफ खतरे की धारणा का इस्तेमाल कुछ यूरोपीय सरकारें अपने रक्षा खर्च बढ़ाने और यूक्रेन को समर्थन देने के लिए कर रही हैं।
यूरोप को लेकर पुतिन का बड़ा बयान
बातचीत के दौरान पुतिन ने ट्रंप को स्पष्ट किया कि रूस का यूरोप के प्रति कोई आक्रामक प्लान नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोप के कई देश रूस की गतिविधियों को लेकर चिंता जता रहे हैं। रूस लगातार यह कहता रहा है कि वह यूरोपीय देशों के लिए खतरा नहीं है और उसके कदम अपनी सुरक्षा चिंताओं से जुड़े हैं। वहीं, पश्चिमी देश यूक्रेन संघर्ष को लेकर रूस की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिशों पर चर्चा
यूरी उशाकोव ने बताया कि ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई। अमेरिका लंबे समय से इस संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की कोशिशों की बात करता रहा है। यूक्रेन में जारी युद्ध अब लंबे समय से चल रहा है और इसके कारण वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। ऐसे में रूस और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर नजरें टिकीं
ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है। दुनिया के कई देश इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि दोनों महाशक्तियों के बीच बातचीत से क्या कोई नया रास्ता निकल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और अमेरिका के बीच संवाद बढ़ने से यूक्रेन संकट के समाधान की दिशा में संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि, किसी भी समझौते तक पहुंचने के लिए कई अहम मुद्दों पर सहमति बनना जरूरी होगा। फिलहाल दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को कूटनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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