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पुतिन को दिया संदेश कहा युद्ध खत्म करें
New York. न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की आम बहस को संबोधित करने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 81वें सत्र की आम बहस 22 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर तक चलेगी। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचने पर ट्रंप ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में आना उनके लिए सम्मान की बात है और अमेरिका अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर भी उनसे सवाल किया गया।
#WATCH न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय पहुंचे। वे आज संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 22, 2026
उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र में आना सम्मान की बात है और हम काफी प्रगति कर रहे हैं। हमारा देश वास्तव में बहुत अच्छा… pic.twitter.com/oF5pz6KVmn
पुतिन के लिए संदेश पूछे जाने पर ट्रंप ने संक्षिप्त जवाब देते हुए युद्ध समाप्त करने की बात कही। रिपोर्टों के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होने वाली कूटनीतिक चर्चाओं के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन ऐसे समय हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ मध्य पूर्व और ईरान से जुड़े घटनाक्रम भी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में हैं। ट्रंप का यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी न्यूयॉर्क में मुलाकात का कार्यक्रम है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 81वें सत्र की हाई-लेवल वीक के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष सरकार प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में मौजूद रहेंगे। आम बहस के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इस बार महासभा के दौरान वैश्विक संघर्षों को रोकने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रंप के संबोधन पर भी दुनिया की नजरें हैं क्योंकि अमेरिका की रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व को लेकर नीतियां अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं का प्रमुख हिस्सा बनी हुई हैं। ट्रंप के पुतिन को दिए संदेश ने उनके संबोधन से पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब उनके महासभा संबोधन में अमेरिका की विदेश नीति और मौजूदा वैश्विक संघर्षों को लेकर क्या रुख सामने आता है, इस पर ध्यान रहेगा।
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