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CJP प्रवक्ता सौरव दास की मुश्किलें बढ़ीं! मद्रास हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

Shantanu Roy
30 Oct 2026 2:34 PM IST
CJP प्रवक्ता सौरव दास की मुश्किलें बढ़ीं! मद्रास हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
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Chennai. चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता और पत्रकार सौरव दास की पहचान, नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में सौरव दास के माता-पिता की जानकारी की जांच करने और विदेशी नागरिक पाए जाने की स्थिति में उनका पासपोर्ट तथा आधार कार्ड रद्द करने की मांग की गई है। इसके अलावा न्यायपालिका के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने का अनुरोध भी किया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार, सौरव दास और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने जारी किया नोटिस
जानकारी के अनुसार, यह मामला गणेश कुमार नामक व्यक्ति की ओर से दाखिल जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने सौरव दास की वास्तविक पहचान और राष्ट्रीयता को लेकर सवाल उठाए हैं। याचिका में उन्हें कथित तौर पर योगेश शर्मा उर्फ सौरव दास बताया गया है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों को उनकी पहचान, पृष्ठभूमि तथा पारिवारिक विवरण की जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई है। हालांकि, याचिका में किए गए दावों की सत्यता अभी अदालत में साबित नहीं हुई है।
पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने की भी मांग
याचिका में मांग की गई है कि यदि जांच में सौरव दास विदेशी नागरिक पाए जाते हैं, तो उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड को रद्द करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सौरव दास ने न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। इसी आधार पर उनके एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक करने की भी मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के सामने पहचान और पते से संबंधित कुछ दस्तावेजों का हवाला दिया। न्यायालय ने इन दस्तावेजों में दर्ज विवरणों को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा। अदालत ने यह सवाल किया कि क्या इस संबंध में पहले संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि 7 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई।
आशुतोष रांका ने जताई नाराजगी
सौरव दास के खिलाफ दायर याचिका को लेकर आशुतोष रांका ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटनाक्रम को शर्मनाक बताया। रांका ने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के काम या विचारों से असहमति होने के कारण उसे इस तरह परेशान करना आखिर कब तक बर्दाश्त किया जाएगा। उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध में सक्रिय रहे हैं सौरव दास
सौरव दास पत्रकार होने के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता भी हैं। यह एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन के रूप में चर्चित रहा है। इसके सदस्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं। सौरव दास भी चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दायर याचिका ने राजनीतिक अभिव्यक्ति, सोशल मीडिया पर टिप्पणियों और कानूनी जवाबदेही को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।
छह सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
मद्रास हाईकोर्ट ने फिलहाल केवल संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने सौरव दास की नागरिकता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है और न ही उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड या सोशल मीडिया अकाउंट को रद्द करने का आदेश दिया है। अब संबंधित पक्षों के जवाब और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी। कानूनी दृष्टि से नोटिस जारी होने का अर्थ केवल यह है कि अदालत मामले में दूसरे पक्ष का जवाब सुनना चाहती है। याचिका में लगाए गए आरोपों को इस स्तर पर प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
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