
दिल्ली। भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शुरू किए गए पहले तीन क्लिनिक बंद हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार अमेरिकी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) द्वारा दी जाने वाली फंडिंग पर रोक लगने के बाद यह कदम उठाना पड़ा।
इस फंडिंग में कटौती से करीब 5,000 लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में सभी विदेशी सहायता पर रोक लगा दी थी। यह निर्णय उनकी "अमेरिका फर्स्ट" नीति के तहत लिया गया, जिसके अंतर्गत अमेरिकी करदाताओं के पैसे से वित्त पोषित सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है।
ट्रंप ने पहले भी USAID द्वारा भारत में "मतदाता जागरूकता" पर 21 मिलियन डॉलर खर्च करने की आलोचना की थी। भारत सरकार ने पिछले सप्ताह इस मामले की जांच शुरू करने की बात कही थी। इस घटना ने भारत और अमेरिका दोनों में राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। ट्रंप के सहयोगी एलन मस्क और रिपब्लिकन सीनेटर जॉन केनेडी ने इस तरह की फंडिंग की आलोचना की है। मस्क ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस खबर पर तंज कसते हुए कहा, "अमेरिकी करदाताओं के पैसों से ये सब हो रहा था।"





